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JAC मैट्रिक रिजल्ट पर बड़ा अपडेट: वायरल खबरें फर्जी, बोर्ड ने किया साफ इनकार

JAC Matric Result 2026

सोशल मीडिया पर फैली अफवाह से छात्रों में भ्रम, JAC बोला—अभी जारी नहीं हुआ परिणाम

रांची : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने मैट्रिक बोर्ड परीक्षा 2026 के रिजल्ट को लेकर फैल रही अफवाहों पर स्पष्ट बयान जारी किया है। बोर्ड ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही रिजल्ट की खबरें और तस्वीरें पूरी तरह भ्रामक और फर्जी हैं।

दरअसल, शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि जैक बोर्ड ने मैट्रिक परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया था, लेकिन कुछ ही देर बाद उसे वेबसाइट से हटा लिया गया। इस खबर के साथ कुछ कथित स्क्रीनशॉट भी तेजी से वायरल हुए, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।

JAC का आधिकारिक बयान
बोर्ड ने इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अभी मैट्रिक परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया जारी है और रिजल्ट जारी नहीं किया गया है। जैक ने यह भी कहा कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा जानबूझकर फर्जी खबरें और एडिटेड तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलाकर भ्रम पैदा किया जा रहा है। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और किसी भी अपुष्ट जानकारी पर ध्यान न दें।

अभी केवल 11वीं का रिजल्ट जारी
गौरतलब है कि फिलहाल झारखंड में केवल कक्षा 11वीं का परिणाम ही घोषित किया गया है। मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा के परिणाम अभी जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों का कोई आधार नहीं है।

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छात्रों में बढ़ी बेचैनी
वायरल खबरों के चलते छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है। कई छात्र देर रात तक वेबसाइट चेक करते रहे, जबकि कुछ ने वायरल स्क्रीनशॉट को सच मान लिया। इस तरह की अफवाहें छात्रों के मानसिक तनाव को बढ़ाती हैं, खासकर तब जब वे पहले से ही रिजल्ट का इंतजार कर रहे होते हैं।

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बोर्ड की अपील
जैक ने छात्रों से कहा है कि वे रिजल्ट से संबंधित किसी भी अपडेट के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट और विश्वसनीय माध्यमों का ही सहारा लें। साथ ही, बोर्ड ने यह भी संकेत दिया है कि परिणाम जारी होने से पहले इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

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मैट्रिक रिजल्ट को लेकर फैली अफवाहों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के फैल रही जानकारी कितनी भ्रामक हो सकती है। छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे धैर्य बनाए रखें और केवल आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।

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