मुरी, पिस्का और लोहरदगा स्टेशन का बदला नजारा, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

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अमृत भारत योजना के तहत रांची रेल डिवीजन के तीन स्टेशनों का कायाकल्प, यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं

रांची: झारखंड की जनता के लिए एक और बड़ी सौगात जल्द मिलने वाली है। रांची रेल डिवीजन के तीन प्रमुख स्टेशन—मुरी, पिस्का और लोहरदगा—का कायाकल्प अंतिम चरण में है। सितंबर माह के अंत तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन स्टेशनों का ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे।

यह कदम झारखंड के रेलवे ढांचे को नई पहचान देगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। गौरतलब है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रांची रेल डिवीजन के 15 स्टेशनों का कायाकल्प किया जाना है। हाल ही में गोविंदपुर रोड स्टेशन का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने ऑनलाइन किया था, जबकि बाकी 14 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य जारी है।

यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
तीनों स्टेशनों पर यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

  • लोहरदगा और मुरी स्टेशन:
  • नई स्टेशन बिल्डिंग आधुनिक वास्तुकला के साथ
  • आरामदायक प्रतीक्षालय
  • कंप्यूटरीकृत टिकट बुकिंग काउंटर
  • हाई लेवल प्लेटफॉर्म और प्लेटफॉर्म शेड
  • सुविधाजनक फुटओवर ब्रिज
  • बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए रैंप और लिफ्ट
  • पूरे परिसर में एलईडी लाइटिंग
  • स्वच्छ पेयजल व्यवस्था और शौचालय
  • स्टेशन के बाहर पार्किंग एरिया और एप्रोच रोड
  • मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड
  • पिस्का स्टेशन:
  • कंप्यूटरीकृत टिकट बुकिंग काउंटर
  • हाई लेवल प्लेटफॉर्म
  • स्वच्छ पेयजल और शौचालय
  • एलईडी लाइटिंग
  • दिव्यांगों के लिए रैंप की सुविधा

कार्य 90% से अधिक पूरा
रांची रेल मंडल की डीआरएम करुणा निधि सिंह ने बताया कि अमृत भारत योजना के तहत मुरी, पिस्का और लोहरदगा स्टेशन का कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। सितंबर के अंत तक प्रधानमंत्री इनका ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे। रांची डिवीजन के जिन 15 स्टेशनों का कायाकल्प होना है, उनमें शामिल हैं—ओरगा, टाटीसिलवे, पिस्का, लोहरदगा, बालसिरिंग, बानो, पोरका, नामकुम, गंगाघाट, मुरी, सिल्ली, तुलिन और रामगढ़ कैट। इनमें ओरगा, बालसिरिंग, टाटीसिलवे और नामकुम में भी 80% काम पूरा हो चुका है। शेष स्टेशनों का कार्य अगले 4-5 महीने में पूरा कर लिया जाएगा।

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अमृत भारत योजना: क्या है खास?
अमृत भारत स्टेशन योजना का मकसद देशभर के स्टेशनों को आधुनिक और यात्री-मैत्री बनाना है। इसके तहत छोटे और मझोले स्टेशनों को नई बिल्डिंग, पार्किंग एरिया, आरामदायक वेटिंग हॉल, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, डिजिटल बोर्ड, चार्जिंग प्वाइंट और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। झारखंड जैसे राज्य में, जहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना ट्रेन से सफर करते हैं, यह योजना यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगी।

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चुनावी तैयारी का हिस्सा?
राजनीतिक दृष्टिकोण से यह उद्घाटन बेहद अहम है। झारखंड में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और भाजपा के लिए यह इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट का बड़ा हथियार बन सकता है।
केंद्र सरकार का फोकस: प्रधानमंत्री मोदी इन योजनाओं को “विकसित भारत” और “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में कदम बताकर अपनी उपलब्धि गिनाएंगे। रेलवे और आधारभूत संरचना हमेशा भाजपा की चुनावी रैली में प्रमुख मुद्दा रहा है। राज्य सरकार का रुख: हेमंत सोरेन सरकार इसे केंद्र की बाध्यता बताते हुए यह संदेश दे सकती है कि राज्य सरकार भी स्थानीय स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है।

जनता की नजर: ग्रामीण और छोटे कस्बों के यात्रियों के लिए स्टेशन का कायाकल्प प्रत्यक्ष लाभ देने वाला है। चुनावी मौसम में यह मुद्दा मतदाताओं को आकर्षित कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा इस उद्घाटन को चुनावी रैलियों और डिजिटल प्रचार में प्रमुखता से शामिल करेगी। वहीं, झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार यह तर्क दे सकती है कि रेलवे ढांचा जनता का अधिकार है और केवल राजनीतिक श्रेय लेने से विकास का असली मकसद पूरा नहीं होगा।

यात्रियों में उत्साह
मुरी, पिस्का और लोहरदगा स्टेशन का कायाकल्प स्थानीय यात्रियों के लिए लंबे समय से मांग रही थी। यात्रियों का कहना है कि इन स्टेशनों पर पहले पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं। खासकर दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब लिफ्ट, रैंप और आधुनिक वेटिंग हॉल मिलने से उन्हें राहत मिलेगी।

झारखंड के रेलवे नेटवर्क में मुरी, पिस्का और लोहरदगा स्टेशन का कायाकल्प एक बड़ा कदम है। अमृत भारत योजना के तहत किए जा रहे इन कार्यों से जहां यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं राजनीतिक दृष्टिकोण से भी यह मुद्दा झारखंड की सियासत में गूंजेगा।

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