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शराब घोटाला केस: ED के सामने पेश नहीं हुए रामेश्वर उरांव, पूछताछ के लिए मांगा 3 हफ्ते का समय

Rameshwar Oraon ED

रांची: झारखंड के कथित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी बीच राज्य के पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव ने ईडी के समक्ष निर्धारित तिथि पर पेश होने के बजाय एजेंसी से तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है। इससे पहले उनके बेटे रोहित उरांव भी पूछताछ के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध कर चुके हैं।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक ईडी ने दोनों के अनुरोध पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया था।

30 जून को पूछताछ के लिए किया गया था तलब
जानकारी के अनुसार, ईडी ने रामेश्वर उरांव को 30 जून को अपने कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया था। वहीं, उनके बेटे रोहित उरांव को 29 जून को पेश होने के लिए समन जारी किया गया था। समन के साथ एजेंसी ने दोनों से आय, व्यय, चल-अचल संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज भी साथ लाने को कहा था।

व्यक्तिगत कारणों का दिया हवाला
सूत्रों के अनुसार, रामेश्वर उरांव और रोहित उरांव ने अलग-अलग आवेदन देकर व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पूछताछ के लिए तीन सप्ताह की मोहलत मांगी है। फिलहाल ईडी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनके अनुरोध को स्वीकार किया जाएगा या नहीं।

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शराब घोटाले की जांच से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला झारखंड के कथित शराब घोटाले की जांच से जुड़ा है। जांच एजेंसी कारोबारी योगेंद्र तिवारी से जुड़े नेटवर्क और वर्ष 2022 की उत्पाद नीति के तहत हुए कथित वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। इसी जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ईडी ने रामेश्वर उरांव और उनके बेटे को पूछताछ के लिए समन जारी किया था।

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रोहित उरांव से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच
जांच एजेंसी कथित तौर पर उस समझौते (एग्रीमेंट) की भी पड़ताल कर रही है, जिसमें रोहित उरांव का नाम शराब कारोबार से जुड़ी एक निजी कंपनी के साथ सामने आया है। इस मामले में इससे पहले ईडी रोहित उरांव और अन्य संबंधित लोगों के ठिकानों पर तलाशी अभियान चला चुकी है। तलाशी के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए गए थे, जिनकी जांच जारी है।

अब ED के फैसले पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रवर्तन निदेशालय दोनों के समय बढ़ाने के अनुरोध पर क्या फैसला लेता है। यदि एजेंसी अतिरिक्त समय देती है, तो नई तारीख तय कर पूछताछ की जाएगी। वहीं, यदि अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाता है, तो ईडी कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकती है।

हालांकि, समन जारी होना या पूछताछ के लिए बुलाया जाना किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं माना जाता। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। झारखंड के कथित शराब घोटाला मामले में ईडी की जांच निर्णायक चरण की ओर बढ़ रही है। रामेश्वर उरांव और उनके बेटे रोहित उरांव द्वारा तीन सप्ताह का समय मांगे जाने के बाद अब अगला कदम ईडी के फैसले पर निर्भर करेगा। एजेंसी के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पूछताछ की नई तारीख तय होगी या मामले में कोई अन्य कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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