जमशेदपुर में 7–8 अगस्त को युवा आजसू का दो दिवसीय प्रदेश अधिवेशन: सुदेश महतो ने किया ऑनलाइन सदस्यता अभियान का शुभारंभ
JPSC और JSSC भर्ती घोटालों की CBI जांच की मांग दोहराई।
8 अगस्त को शहीद निर्मल महतो को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
रांची: आगामी 7 और 8 अगस्त को जमशेदपुर में आयोजित होने वाले युवा आजसू के दो दिवसीय प्रदेश अधिवेशन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। अधिवेशन की तैयारियों की समीक्षा के लिए सोमवार को रांची स्थित आजसू पार्टी के केंद्रीय कार्यालय, हरमू में युवा आजसू के प्रदेश संयोजकों एवं पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने की। बैठक में संगठनात्मक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा के साथ युवा आजसू के ऑनलाइन सदस्यता एवं पंजीकरण अभियान का भी औपचारिक शुभारंभ किया गया।
संगठन को नई ऊर्जा देने का माध्यम बनेगा अधिवेशन
बैठक को संबोधित करते हुए सुदेश कुमार महतो ने कहा कि यह प्रदेश अधिवेशन संगठन को नई ऊर्जा, नई सोच और नया नेतृत्व प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, वैचारिक स्पष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करना आजसू पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में युवाओं की भागीदारी के बिना मजबूत संगठन की कल्पना नहीं की जा सकती। इसी उद्देश्य से ऑनलाइन सदस्यता अभियान शुरू किया गया है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ा जा सके।
दो दिनों तक होंगे विभिन्न कार्यक्रम
सुदेश महतो ने बताया कि 7 अगस्त को प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें संगठन के विस्तार, भावी रणनीति, संगठनात्मक मजबूती और विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। वहीं 8 अगस्त को झारखंड आंदोलन के अमर सेनानी शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर संगठन के आगामी आंदोलनों, अभियानों और कार्यक्रमों की भी घोषणा की जाएगी।
राज्यभर से जुटेंगे युवा प्रतिनिधि
अधिवेशन में झारखंड के विभिन्न जिलों से पंचायत, प्रखंड, जिला, प्रदेश और शहरी निकाय स्तर के प्रतिनिधि भाग लेंगे। पार्टी के अनुसार 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता एवं प्रतिनिधि इस सम्मेलन में शामिल होंगे। बैठक के दौरान प्रचार-प्रसार, पंजीकरण, आवास, भोजन, परिवहन, अनुशासन, मंच संचालन और अन्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

JPSC-JSSC भर्ती घोटालों पर सरकार को घेरा
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सुदेश कुमार महतो ने राज्य सरकार पर भर्ती परीक्षाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि JPSC और JSSC भर्ती घोटालों ने राज्य के युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल CID जांच के भरोसे मामलों को लंबित रखना चाहती है, जबकि युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की आवश्यकता है।
CBI जांच और आयोग के पुनर्गठन की मांग
आजसू प्रमुख ने मांग की कि—
- 14वीं JPSC और JSSC भर्ती घोटालों की अविलंब CBI जांच कराई जाए।
- JPSC के वर्तमान सदस्यों को हटाकर आयोग का पुनर्गठन किया जाए।
- सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और विशेषज्ञों की स्वतंत्र समिति गठित कर पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- JSSC CGL परीक्षा में गिरफ्तार द्वितीय टॉपर अभय तिवारी प्रकरण सहित पूरे भर्ती तंत्र की जांच हो।
- JSSC के वर्तमान अध्यक्ष की भूमिका की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
- सरकार यह सार्वजनिक करे कि अब तक CID को सौंपे गए कितने मामलों की जांच पूरी हुई और कितने मामले अब भी लंबित हैं।

युवाओं के हित में संघर्ष जारी रहेगा
सुदेश महतो ने कहा कि आजसू पार्टी छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का स्पष्ट एजेंडा पारदर्शी एवं कदाचार-मुक्त परीक्षाएं, न्यायपूर्ण रोजगार और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार सुनिश्चित करना है।
बैठक में ये नेता रहे मौजूद
बैठक में पूर्व विधायक एवं केंद्रीय महासचिव डॉ. लंबोदर महतो, केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत, केंद्रीय महासचिव दीपक महतो, संजय महतो, रांची जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला भगत, केंद्रीय सचिव हरीश सिंह, ज्ञान सिन्हा, केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज खान, युवा आजसू के प्रदेश संयोजक मो. जब्बार, छात्र आजसू के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, प्रताप सिंह, बबलू महतो, हर्ष मेहता सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जमशेदपुर में होने वाला युवा आजसू का प्रदेश अधिवेशन संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर पार्टी युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए सदस्यता अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रही है। अधिवेशन में लिए जाने वाले निर्णय आने वाले समय में पार्टी की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।






