JPSC बैकलॉग परीक्षा के रिजल्ट पर भी उठे सवाल, OMR शीट में 15 सही उत्तर के बावजूद अभ्यर्थी घोषित हुआ सफल; CID कर रही जांच

JPSC Backlog Exam Investigation

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच अब JPSC बैकलॉग प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के परिणाम भी जांच के दायरे में आ गए हैं। जांच एजेंसियों को मिली एक OMR शीट के आधार पर बैकलॉग परीक्षा के परिणाम पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, अपराध अनुसंधान विभाग (CID) के समक्ष एक परीक्षा केंद्र की OMR शीट आई है, जिसमें एक अभ्यर्थी ने 100 प्रश्नों में केवल 32 प्रश्नों के उत्तर दिए थे। प्रारंभिक उत्तर कुंजी से मिलान करने पर इनमें से 15 उत्तर सही और 17 गलत पाए गए। इसके बावजूद 6 जुलाई 2026 को घोषित परिणाम में संबंधित अभ्यर्थी को सफल घोषित किया गया।

हालांकि, CID या JPSC की ओर से अभी तक इस मामले में किसी अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

OMR शीट से उठे नए सवाल
सूत्रों का दावा है कि उपलब्ध OMR शीट के अनुसार संबंधित अभ्यर्थी के केवल 15 उत्तर सही पाए गए। सामान्य परिस्थितियों में इतने कम सही उत्तरों के आधार पर प्रारंभिक परीक्षा में सफल होना संभव नहीं माना जाता। इसी कारण जांच एजेंसियां अब OMR मूल्यांकन प्रक्रिया और परिणाम तैयार करने की पूरी प्रणाली की जांच कर रही हैं।

मुख्य परीक्षा पर भी लगी रोक
इस बीच JPSC ने 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के साथ-साथ बैकलॉग प्रतियोगिता परीक्षा-2025 की मुख्य परीक्षा भी स्थगित कर दी है। मुख्य परीक्षा 1, 2 और 3 अगस्त को प्रस्तावित थी, लेकिन जारी जांच को देखते हुए आयोग ने इसे अगले आदेश तक टाल दिया है। गौरतलब है कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में भी OMR शीट सामने आने के बाद ही कथित अनियमितताओं का मामला उजागर हुआ था।

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अभय तिवारी की भूमिका भी जांच के केंद्र में
जांच एजेंसियां अभय तिवारी की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। अभय तिवारी परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी TDPPL में मार्केटिंग मैनेजर रह चुका है और JPSC परीक्षा कथित अनियमितता मामले में आरोपी है। सूत्रों के अनुसार, अभय तिवारी स्वयं भी JPSC प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुका था। बाद में उसका चयन JPSC-CGL के माध्यम से सरकारी सेवा में हुआ। इसी तरह उसके भाई अक्षय तिवारी और भाई की पत्नी का भी CGL के माध्यम से चयन हुआ था। बताया जा रहा है कि इस बार की JPSC प्रारंभिक परीक्षा में अभय तिवारी और अक्षय तिवारी दोनों सफल घोषित हुए हैं।

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कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की भी जांच
जांच में यह भी सामने आया है कि अभय तिवारी ने कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता प्राप्त की थी। सूत्रों के अनुसार, उसने—

  • वर्ष 2023 में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) पद पर चयन का दावा किया।
  • PGTTCE-2023 शिक्षक भर्ती की अंतिम चयन सूची में स्थान प्राप्त किया।
  • पश्चिमी सिंहभूम के जगन्नाथपुर स्थित एक उच्च विद्यालय में अंग्रेजी शिक्षक के रूप में चयनित हुआ।
  • ACF (PT)-2024, FRO (PT)-2024 तथा FSO लिखित परीक्षा-2023 में भी सफल होने की जानकारी जांच एजेंसियों के संज्ञान में आई है।

इन सभी चयन प्रक्रियाओं से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

डिजिटल सर्वर और OMR में संभावित हेरफेर की जांच
सूत्रों के मुताबिक, CID अब परीक्षा के डिजिटल सर्वर, OMR शीट, मूल्यांकन प्रक्रिया और मेरिट सूची तैयार करने की पूरी प्रणाली की तकनीकी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं डिजिटल स्तर पर किसी प्रकार की छेड़छाड़ या संगठित तरीके से परिणाम प्रभावित करने का प्रयास तो नहीं किया गया। यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल CID की जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष या दोष तय नहीं किया गया है।

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