छात्रों ने लगाई गुहार, बीएसएल का विस्तारीकरण करें मोदी सरकार
बोकारो: बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के वर्षों से स्थगित विस्तारीकरण और बोकारो जेनरल अस्पताल (बीजीएच) को सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल का दर्जा देने की मांग को लेकर बोकारो के स्कूली छात्रों ने एक अनोखी पहल की है। इस अभियान के तहत करीब 10 हजार छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पोस्टकार्ड लिखकर अपनी आवाज़ केंद्र सरकार तक पहुँचाई है।
यह अभियान बोकारो में बीएसएल विस्तारीकरण को धरातल पर उतारने के लिए लंबे समय से चल रहे महाहस्ताक्षर आंदोलन के संयोजक कुमार अमित की पहल पर शुरू किया गया। पोस्टकार्ड अभियान में दिल्ली पब्लिक स्कूल, चिन्मया विद्यालय, डीएवी, अयप्पा स्कूल, बोकारो पब्लिक स्कूल सहित शहर के लगभग सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के छात्र शामिल हुए।

कुमार अमित ने बताया कि इन छात्रों ने अपने पोस्टकार्ड में प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि बोकारो स्टील प्लांट के विस्तारीकरण को शीघ्र स्वीकृति दी जाए, ताकि बोकारो का औद्योगिक भविष्य सुरक्षित हो सके। साथ ही बोकारो जनरल अस्पताल को सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में परिवर्तित कर क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।

उन्होंने कहा कि उच्च माध्यमिक कक्षाओं में पढ़ रहे ये छात्र आने वाले कुछ वर्षों में रोजगार की तलाश में होंगे। यदि बीएसएल का विस्तार होता है, तो इन युवाओं को पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने ही शहर में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। इससे न केवल छात्रों, बल्कि उनके परिवारों और शैक्षणिक संस्थानों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा।

कुमार अमित ने इस अभियान में सहयोग देने के लिए डॉ. राधाकृष्णन सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स, बोकारो के अध्यक्ष सूरज शर्मा, डीपीएस के प्राचार्य डॉ. ए.एस. गंगवार सहित सभी स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि छात्रों को मिलाकर अब तक करीब 40 हजार लोग प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड लिख चुके हैं, जो इस जनभावना की व्यापकता को दर्शाता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि बोकारो के नागरिकों, युवाओं और छात्रों की यह सामूहिक आवाज़ केंद्र सरकार तक अवश्य पहुँचेगी और बीएसएल विस्तारीकरण व बीजीएच को सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाने की मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उनके अनुसार, यह परियोजनाएँ बोकारो के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।






