खूंटी के तिलमी जंगल में PLFI से मुठभेड़, कमांडर श्रवण दास घायल, 6 उग्रवादी गिरफ्तार
गुप्त सूचना पर पुलिस ने चलाया अभियान
खूंटी: झारखंड पुलिस को पीएलएफआई (PLFI) के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। जरियागढ़ थाना क्षेत्र के तिलमी जंगल में पुलिस और उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में संगठन का कुख्यात कमांडर श्रवण दास घायल हो गया। वहीं उसके दस्ते के आधा दर्जन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तिलमी जंगल में पीएलएफआई उग्रवादी किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर जरियागढ़ और कर्रा थाना पुलिस ने संयुक्त छापेमारी अभियान शुरू किया।
पुलिस पर की गई अंधाधुंध फायरिंग
पुलिस टीम के जंगल पहुंचते ही उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोलीबारी की। इस दौरान संगठन का शीर्ष कमांडर श्रवण दास गोली लगने से घायल हो गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज कर दिया और छह उग्रवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
हथियार और कारतूस बरामद
खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से:
- 4 पिस्टल
- कई देशी कट्टा
- एक दर्जन से अधिक जिंदा कारतूस
- आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
डायरी से खुल सकते हैं बड़े राज
पुलिस को मौके से एक महत्वपूर्ण डायरी भी मिली है। इस डायरी में क्षेत्र के कई ठेकेदारों के मोबाइल नंबर, रंगदारी से जुड़े विवरण और संभावित वारदातों की जानकारी दर्ज बताई जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह डायरी पीएलएफआई के नेटवर्क, फंडिंग और रंगदारी तंत्र का खुलासा करने में अहम सबूत साबित हो सकती है।
रिम्स रेफर करने की तैयारी
मुठभेड़ में घायल हुए श्रवण दास को प्राथमिक उपचार दिया गया है। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
कई मामलों में वांटेड था श्रवण दास
एसपी ऋषभ गर्ग के अनुसार, श्रवण दास तोरपा और कर्रा क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय था और इलाके में आतंक का पर्याय बन चुका था। उसके खिलाफ:
- रेलवे निर्माण कार्यों में बाधा
- गोलीबारी
- आगजनी
- रंगदारी वसूली
जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह पुलिस की वांटेड सूची में शामिल था और उसके खिलाफ पीसीए (PCA) भी लगाया गया था।
जंगल में जारी है सर्च ऑपरेशन
पुलिस का मानना है कि गिरोह के अन्य सदस्य अब भी जंगल में छिपे हो सकते हैं। इसी को देखते हुए तिलमी और आसपास के इलाकों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार उग्रवादियों से पूछताछ कर संगठन के नेटवर्क और आगामी योजनाओं की जानकारी जुटाने में लगी हैं।






