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केंद्र ने Meta अधिकारियों को दिल्ली तलब किया, अगले दो दिन में पेश होने का आदेश; कई मुद्दों पर मांगा जवाब

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PM मोदी की पोस्ट, AI कंटेंट और ऑनलाइन सुरक्षा समेत कई मामलों पर होगी पूछताछ

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनी Meta (फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की मूल कंपनी) के वरिष्ठ अधिकारियों को दिल्ली तलब किया है। अधिकारियों को अगले दो दिनों (5 और 6 अगस्त) के भीतर नई दिल्ली में उपस्थित होकर विभिन्न मुद्दों पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) Meta से प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, AI-जनित सामग्री और हाल के कुछ विवादों पर जवाब चाहता है।

कई अहम मुद्दों पर मांगा जाएगा जवाब
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान सरकार Meta से कई महत्वपूर्ण मामलों पर जवाब मांगेगी। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट के अस्थायी रूप से प्रतिबंधित होने का मामला, प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री (CSAM) की रोकथाम, AI से तैयार किए जा रहे कंटेंट की निगरानी और सत्यापित (Verified) अकाउंट्स की सुरक्षा व्यवस्था प्रमुख रूप से शामिल हैं। सरकार यह भी जानना चाहती है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए Meta क्या कदम उठा रही है।

PM मोदी की पोस्ट हटने के बाद बढ़ी सख्ती
हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं रही थी। बाद में Meta ने इसे तकनीकी त्रुटि बताते हुए पोस्ट बहाल कर दी और खेद भी जताया। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं माना और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को विस्तृत जवाब देने के लिए तलब किया।

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ऑनलाइन सुरक्षा और AI कंटेंट पर सरकार की चिंता
सरकार की चिंता केवल एक पोस्ट तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, Meta के प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा, अवैध सामग्री की निगरानी और तेजी से बढ़ रहे AI-जनित कंटेंट को लेकर भी गंभीर सवाल हैं। सरकार यह समझना चाहती है कि कंपनी के मौजूदा सुरक्षा तंत्र कितने प्रभावी हैं और संवेदनशील मामलों में कंटेंट मॉडरेशन किस प्रक्रिया के तहत किया जाता है।

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भारत में Meta के लिए अहम बैठक
भारत Meta के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। ऐसे में केंद्र सरकार के साथ होने वाली यह बैठक कंपनी के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही, उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और कानूनों के अनुपालन को लेकर सरकार पहले भी कई बार बड़ी टेक कंपनियों के साथ बैठकें कर चुकी है। इस बार भी सरकार स्पष्ट करना चाहती है कि भारतीय कानूनों और सुरक्षा मानकों का पालन हर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए अनिवार्य है।

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आगे क्या होगा?
दो दिवसीय बैठक के दौरान Meta के अधिकारी मंत्रालय के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे और सरकार की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देंगे। बैठक के बाद केंद्र सरकार आगे की कार्रवाई या आवश्यक निर्देश जारी कर सकती है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर टेक इंडस्ट्री और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की नजर बनी हुई है।

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