JPSC विवाद पर बोले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कहा- सरकार की ‘आंख, नाक और हाथ’ सब सक्रिय, जांच पूरी होने पर होगा फैसला
गुरुजी शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, छात्रों के आंदोलन और JPSC जांच पर भी दिया बड़ा बयान

रांची: झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोरहाबादी स्थित उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने गुरुजी को याद करते हुए कहा कि वे केवल उनके पिता ही नहीं, बल्कि जीवन के हर मोड़ पर मार्गदर्शन देने वाले प्रेरणास्रोत भी थे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में राज्य के चर्चित JPSC परीक्षा विवाद, छात्रों के आंदोलन और सरकार की कार्रवाई को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
‘गुरुजी मेरे पिता ही नहीं, मेरे मार्गदर्शक भी थे’
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भावुक होते हुए कहा कि आज पूरा झारखंड दिशोम गुरु शिबू सोरेन को याद कर रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुजी ने राज्य के लोगों के अधिकारों और पहचान की लड़ाई को नई दिशा दी। उनके संघर्ष, विचार और सिद्धांत आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं।
सीएम ने कहा, “गुरुजी मेरे पिता थे, लेकिन उससे भी बढ़कर मेरे मार्गदर्शक थे। उन्होंने हमेशा समाज, राज्य और आदिवासी-मूलवासी समुदाय के हित में संघर्ष किया। आज उनकी पहली पुण्यतिथि पर पूरा राज्य उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।”
JPSC विवाद पर सरकार की पैनी नजर
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद जब मुख्यमंत्री से JPSC की 14वीं पीटी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के आंदोलन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने कहा, “सरकार की आंख भी है, नाक भी है और हाथ भी है। यानी सरकार हर पहलू पर नजर रख रही है और राज्यहित में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है।”

मुख्यमंत्री के इस बयान को इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सरकार जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर लगातार नजर रखे हुए है और मामले में जल्दबाजी में कोई फैसला लेने के बजाय जांच पूरी होने का इंतजार कर रही है।

छात्रों की मांगों पर भी बोले मुख्यमंत्री
राजधानी रांची में पिछले कई दिनों से JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में छात्र आंदोलन कर रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की भावनाओं और उनकी चिंताओं को गंभीरता से समझती है। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों और उनकी जिज्ञासाओं पर सरकार पहले से ही काम कर रही है। उचित समय पर सभी तथ्यों का अध्ययन करने के बाद निर्णय लिया जाएगा। सीएम ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि छात्र भी सरकार की मंशा को समझेंगे और जांच प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखेंगे।

जांच एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय
हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में सभी स्तरों पर जांच की प्रक्रिया चल रही है और संबंधित एजेंसियां पूरी सक्रियता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी हुई होगी, उसकी निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं करेगी और जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा।
जांच पूरी होने के बाद होगा फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल जांच एजेंसियां अपने स्तर पर काम कर रही हैं और सरकार जांच में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि जब जांच पूरी हो जाएगी और सभी तथ्य सामने आ जाएंगे, तब सरकार पूरे मामले पर अपना निर्णय सार्वजनिक करेगी। उनके इस बयान से साफ संकेत मिला कि सरकार फिलहाल CID की जांच रिपोर्ट और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने का इंतजार कर रही है।
JPSC मामले में लगातार तेज हो रही है जांच
गौरतलब है कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर CID लगातार जांच कर रही है। आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से कई दौर की पूछताछ हो चुकी है। कई अधिकारियों, निजी एजेंसी से जुड़े लोगों और अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। दूसरी ओर राजधानी रांची में छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं और परीक्षा रद्द करने, CBI जांच कराने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हैं।







