झारखंड में आज रात दिखेगा ‘लाल चांद’, साल 2022 के बाद का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण

Chandra Grahan 2025 Jharkhand Chandra Grahan 2025 Jharkhand

पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान आसमान में दिखेगा ब्लड मून, झारखंड के सभी जिलों में होगा साफ नजारा।

रांची: झारखंडवासियों के लिए आज की रात बेहद खास होने वाली है। भादो पूर्णिमा के अवसर पर आज रविवार की रात साल 2025 का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। यह सिर्फ एक सामान्य ग्रहण नहीं होगा, बल्कि भारत में साल 2022 के बाद का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होगा। इस दौरान आसमान में ‘लाल चांद’ का अद्भुत और रहस्यमयी नजारा भी देखने को मिलेगा।

कब और कितने बजे लगेगा ग्रहण?
खगोलविदों के अनुसार, आज का चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार रात 9 बजकर 56 मिनट से शुरू होगा और देर रात 1 बजकर 28 मिनट तक चलेगा। यानी यह ग्रहण लगभग साढ़े तीन घंटे तक रहेगा। वहीं, ग्रहण का चरम समय 11 बजकर 42 मिनट पर होगा। इस समय चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में होगा और अपनी सामान्य चमक छोड़कर लालिमा लिए हुए नजर आएगा। यही दृश्य ‘ब्लड मून’ कहलाता है।

सूतक काल का असर
हिंदू पंचांग के अनुसार, चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। यानी आज दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से सूतक काल शुरू हो चुका है। इस अवधि में धार्मिक कार्य, मंदिरों में पूजा, नई वस्तुओं का प्रयोग और पवित्र कार्य वर्जित माने जाते हैं। ग्रहण खत्म होने के बाद शुद्धिकरण और स्नान करने की परंपरा है।

क्यों दिखता है लाल चांद?
ग्रहण के दौरान जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है तो सूर्य की किरणें सीधे उस तक नहीं पहुंच पातीं। लेकिन पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की लाल किरणों को मोड़कर चंद्रमा तक पहुंचाता है। इसी कारण चंद्रमा लालिमा लिए हुए चमकता है और इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।

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झारखंड में कहां दिखेगा नजारा?
खगोलविदों का कहना है कि यह ग्रहण झारखंड के हर जिले में साफ-साफ देखा जा सकेगा। रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, रामगढ़, गढ़वा, पलामू समेत सभी जिलों के लोग आसमान में यह नजारा देख पाएंगे। सबसे साफ दृश्य ग्रामीण और कम रोशनी वाले इलाकों में दिखेगा, जहां प्रकाश प्रदूषण (light pollution) कम होता है।

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तीन साल बाद लगेगा इतना लंबा ग्रहण
साल 2022 के बाद यह पहला मौका है जब भारत में इतना लंबा पूर्ण चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा। इसके बाद अब लोगों को 31 दिसंबर, 2028 तक इंतजार करना होगा, जब अगला लंबा पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।

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वैज्ञानिकों और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से खास
यह ग्रहण वैज्ञानिकों और खगोलशास्त्रियों के लिए अध्ययन का विषय है। वहीं, ज्योतिष की मान्यताओं में ग्रहण का खास महत्व है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि यह ग्रहण कुछ राशियों पर सकारात्मक तो कुछ पर नकारात्मक असर डालेगा। हालांकि, आम लोगों के लिए यह केवल एक अद्भुत खगोलीय घटना है, जिसे नंगी आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है।

लोगों में उत्सुकता
ग्रहण को लेकर झारखंड के लोगों में उत्सुकता है। खासकर छात्र, शोधार्थी और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग इस घटना को देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कई जगहों पर तारामंडल और खगोल विज्ञान क्लब ने आम जनता के लिए विशेष आयोजन किए हैं ताकि लोग दूरबीन से भी लाल चांद को नजदीक से देख सकें।

सावधानियां और धार्मिक परंपराएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। कई लोग इस दौरान खाना नहीं खाते और ग्रहण के बाद स्नान करके घर की शुद्धि करते हैं। वहीं, वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्रहण पूरी तरह सुरक्षित है और इसे नंगी आंखों से देखने में कोई खतरा नहीं है।

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