सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ , नक्सली घने जंगल में भागे
करीब 50 मिनट तक चली गोलीबारी, तीन राइफलें बरामद, पुलिस ने चलाया सघन सर्च अभियान
कोलापू इलाके में शुरू हुआ ऑपरेशन
चाईबासा: झारखंड के सारंडा जंगल के कोलापू और उसके आसपास के क्षेत्रों में देर रात सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच करीब 50 मिनट तक भीषण मुठभेड़ हुई। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब जराईकेला थाना क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना पर चाईबासा जिला पुलिस और कोबरा 209 बटालियन के जवानों ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
नक्सलियों ने घात लगाकर किया हमला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों के इलाके में प्रवेश करते ही घात लगाए बैठे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। करीब 50 मिनट तक दोनों ओर से लगातार गोलीबारी होती रही, जिससे जंगल का इलाका गोलियों की आवाज से गूंज उठा।
जंगल और पहाड़ी का फायदा उठाकर भागे नक्सली
मुठभेड़ के दौरान नक्सली घने जंगल और पहाड़ी रास्तों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। सुरक्षाबलों का मानना है कि कई नक्सलियों को गंभीर चोटें आई होंगी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
मुठभेड़ के बाद चला सघन सर्च ऑपरेशन
मुठभेड़ के खत्म होते ही सुरक्षा बलों ने पूरा क्षेत्र घेरकर सर्च अभियान चलाया।इस दौरान जंगल से तीन राइफलें बरामद की गईं —
- दो एसएलआर राइफल एक .
- 303 (थ्री-नॉट-थ्री) राइफल
- इसके अलावा नक्सलियों द्वारा उपयोग की जाने वाली बैकपैक सामग्री, वर्दी, बर्तन और गोली के खोखे भी मिले हैं।
- सुरक्षा बलों ने मौके पर नक्सल कैंप के अवशेष भी पाए हैं, जिन्हें नष्ट कर दिया गया।
पुलिस और कोबरा की संयुक्त टीम को मिली सफलता
इस संयुक्त अभियान में चाईबासा जिला पुलिस, कोबरा 209 बटालियन,
और सीआरपीएफ की टीम शामिल थी। अभियान का नेतृत्व जिला एसपी और कोबरा कमांडेंट ने किया। सूत्रों के मुताबिक, इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि किसी भी नक्सली गतिविधि को फिर से सक्रिय न होने दिया जाए।
एसपी बोले — “नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए अभियान जारी रहेगा”
चाईबासा के एसपी ने मीडिया से बात करते हुए कहा —
“सुरक्षाबलों ने बड़ी सावधानी और बहादुरी से ऑपरेशन को अंजाम दिया है।
तीन राइफलें और नक्सली सामग्री बरामद हुई हैं। यह मुठभेड़ इस बात का प्रमाण है कि नक्सल संगठन के बचे हुए गुट अब बौखलाए हुए हैं। हमारा अभियान जारी रहेगा।”
सारंडा जंगल — नक्सली गतिविधियों का पुराना गढ़
सारंडा जंगल को झारखंड में नक्सलियों का ऐतिहासिक गढ़ माना जाता है।
पिछले वर्षों में यहां PLFI और CPI (Maoist) के गुट सक्रिय रहे हैं। हालांकि, लगातार सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद इनकी पकड़ कमजोर पड़ी है। इसके बावजूद कुछ छोटे गुट अभी भी सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश रचते रहते हैं।
स्थानीय स्तर पर चौकसी बढ़ाई गई
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जराईकेला, सोनुवा, गोइलकेरा और चक्रधरपुर क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों को इलाके के ग्रामीणों से इनपुट इकट्ठा करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सारंडा जंगल में हुई यह मुठभेड़ झारखंड में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान की एक और बड़ी सफलता मानी जा रही है। सुरक्षाबलों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि राज्य के किसी भी हिस्से में नक्सल गतिविधियों को दोबारा पैर पसारने नहीं दिया जाएगा।








