अदाणी पावर के एवीपी संजीव शेखर को ‘स्पर्श लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2025’, अंग्रेज़ी साहित्य में अद्वितीय योगदान का सम्मान

Sanjeev Shekhar awarded 'Sparsh Lifetime Sanjeev Shekhar awarded 'Sparsh Lifetime


रांची : झारखंड की साहित्यिक और कॉरपोरेट दुनिया के लिए गुरुवार का दिन गौरव का क्षण बन गया, जब अदाणी पावर लिमिटेड, झारखंड के हेड कॉरपोरेट अफेयर्स और वरिष्ठ साहित्यकार संजीव शेखर को स्पर्श लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2025 से नवाज़ा गया। यह सम्मान रांची में आयोजित रेणुका आर्ट्स के वार्षिक समारोह में प्रदान किया गया, जहां कला, साहित्य, पत्रकारिता, चिकित्सा, खेल और समाज सेवा के क्षेत्र की 15 अन्य विशिष्ट हस्तियों को भी सम्मानित किया गया।

रेणुका आर्ट्स, जो पिछले 18 वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने की परंपरा निभा रही है, ने इस बार अपनी चयन सूची में साहित्य और कॉरपोरेट जगत के बीच एक सेतु का काम करने वाले ऐसे व्यक्तित्व को चुना, जिनकी पहचान सिर्फ एक सफल कॉरपोरेट लीडर के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और प्रेरक साहित्यकार के रूप में भी है।

तीन दशकों की बहुआयामी यात्रा
जमशेदपुर में जन्मे और पले-बढ़े संजीव शेखर का करियर तीन दशकों से अधिक का रहा है, जिसमें उन्होंने पत्रकारिता, कॉरपोरेट अफेयर्स, कॉरपोरेट कम्युनिकेशन और मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने हिन्दुस्तान टाइम्स और स्टार न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए पत्रकारिता की बारीकियों को नज़दीक से जिया। इसके बाद उन्होंने एस्सार और रिलायंस जैसी शीर्ष कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और वर्तमान में अदाणी समूह में अपनी विशेषज्ञता का योगदान दे रहे हैं।

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संजीव शेखर का करियर इस बात का प्रमाण है कि एक व्यक्ति एक साथ कई क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल कर सकता है—चाहे वह मीडिया हो, कॉरपोरेट मैनेजमेंट या फिर रचनात्मक लेखन।

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साहित्य में अलग पहचान
कॉरपोरेट करियर की व्यस्तता के बावजूद संजीव शेखर का मन हमेशा साहित्य की ओर खिंचता रहा। उन्होंने अंग्रेज़ी भाषा में तीन महत्वपूर्ण किताबें लिखीं, जिन्होंने पाठकों के दिल में अपनी गहरी छाप छोड़ी—

  • Beyond News (2015) – पत्रकारिता की बदलती दुनिया और तीन पत्रकार मित्रों के संघर्ष पर आधारित एक संवेदनशील कथा, जिसने मीडिया प्रोफेशनल्स को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया।
  • Deadlock (2018) – आधुनिक महिला की पहचान, आत्मसम्मान और संतुलन की तलाश को बयान करने वाली एक भावनात्मक कहानी, जिसने शहरी पाठकों के बीच विशेष लोकप्रियता हासिल की।
  • Ride Above the Clouds (2023) – सात दोस्तों की हिमालयी साइकिल यात्रा पर आधारित प्रेरणादायक उपन्यास, जिसने सिर्फ दो दिनों में Amazon Bestseller का दर्जा प्राप्त किया।

ये तीनों कृतियां केवल कहानी नहीं थीं, बल्कि जीवन के अनुभव, संघर्ष, दोस्ती, आत्म-खोज और सपनों के साहसिक सफर की जीवंत गवाही थीं।

सम्मान का क्षण
जब समारोह में संजीव शेखर का नाम पुकारा गया, तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने कहा—

“यह मेरे लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का क्षण है कि अंग्रेज़ी साहित्य में मेरे योगदान को इस प्रतिष्ठित मंच ने पहचाना। रेणुका आर्ट्स के सतत प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देते हैं। मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ और उन्हें शुभकामनाएं देता हूँ।”

उनकी इस विनम्र प्रतिक्रिया ने वहां मौजूद श्रोताओं को भावुक कर दिया।

कॉरपोरेट और साहित्य का अनूठा संगम
संजीव शेखर का जीवन यह साबित करता है कि कॉरपोरेट नेतृत्व और रचनात्मक लेखन का संगम संभव है। उनके लिए ऑफिस की मीटिंग्स और किताब के पन्नों के बीच कोई दीवार नहीं है—बल्कि दोनों एक-दूसरे को ऊर्जा देते हैं। यह संतुलन ही उन्हें भीड़ से अलग करता है।

झारखंड के लिए गर्व
झारखंड की मिट्टी से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले संजीव शेखर ने एक बार फिर यह साबित किया कि राज्य में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उनका यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है।

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