tulsyan

बोकारो में सिस्टम से खेलकर करोड़ों की लूट: SP के खाते से 15.98 करोड़ की निकासी

Bokaro Scam

2175 कर्मचारियों के डेटा में छेड़छाड़

जॉइनिंग डेट और पोस्टिंग में भी खेल

AG ने जांच की सिफारिश

रांची से कुमार अमित: झारखंड में एक ऐसा घोटाला सामने आया है, जिसने सरकारी सिस्टम की विश्वसनीयता को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। सरकारी कर्मचारियों के संवेदनशील ‘इंप्लाइज मास्टर डेटा’ में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ कर न केवल करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई, बल्कि कर्मचारियों की सेवा अवधि तक बढ़ाने का खेल भी खेला गया।
इस पूरे मामले को महालेखाकार (AG) ने “अत्यंत गंभीर” और “असाधारण” बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की अनुशंसा की है।

SP के खाते से 15.98 करोड़ का खेल
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि बोकारो एसपी के नाम से संचालित एक बैंक खाते का दुरुपयोग कर 15.98 करोड़ रुपये की निकासी की गई। मई 2017 से नवंबर 2025 के बीच कुल 271 ट्रांजेक्शन के जरिए यह रकम निकाली गई। यह निकासी अलग-अलग मदों के नाम पर की गई— यात्रा भत्ता के नाम पर 12.48 करोड़ रुपये, जीएसटी के नाम पर 2.71 करोड़ रुपये, और वन कार्य के नाम पर 63 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इस एक खाते को 14 अलग-अलग GPF नंबरों से लिंक कर दिया गया था, जिनमें से 13 नंबर अन्य व्यक्तियों के थे। इतना ही नहीं, जनवरी 2026 में इस पूरे खाते को मास्टर डेटाबेस से ही हटा दिया गया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।

Bokaro SP Office 1775525284475
DAV NANDRAJ

2175 कर्मचारियों की उम्र में हेरफेर
महालेखाकार की रिपोर्ट में सामने आया कि जनवरी 2023 और जनवरी 2026 के डेटा की तुलना में 2175 कर्मचारियों की जन्म तिथि बदल दी गई। इनमें से 1072 मामलों में उम्र को एक दिन से लेकर 40 साल तक पीछे कर दिया गया, जिससे कर्मचारी लंबे समय तक सेवा में बने रह सकें। वहीं, 1103 मामलों में जन्म तिथि को आगे बढ़ाया गया, जो एक अलग तरह की अनियमितता की और इशारा करता है। यह सिर्फ डेटा एंट्री की गलती नहीं, बल्कि सुनियोजित छेड़छाड़ की ओर इशारा करता है।

happy Teacher Day

जॉइनिंग डेट और पोस्टिंग में भी खेल
जांच केवल जन्म तिथि तक सीमित नहीं रही। करीब 5037 मामलों में नौकरी जॉइनिंग डेट में भी हेरफेर पाया गया। इनमें 2215 कर्मचारियों की जॉइनिंग डेट को एक दिन से लेकर 38 साल तक पीछे कर दिया गया। इसके अलावा, 572 ऐसे मामले भी सामने आए, जहां जन्म तिथि और जॉइनिंग डेट दोनों में बदलाव किया गया। यह स्पष्ट संकेत देता है कि पूरा सिस्टम योजनाबद्ध तरीके से प्रभावित किया गया।

resizone-elanza
rlifecare

IFMS सिस्टम की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
Integrated Financial Management System (IFMS) में सरकारी कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है—जन्म तिथि, पदोन्नति, वेतन और सेवा विवरण। ऐसे सिस्टम में इतनी बड़ी छेड़छाड़ यह बताती है कि या तो सुरक्षा तंत्र पूरी तरह फेल हुआ या फिर अंदरूनी मिलीभगत से यह खेल खेला गया।

AG की सख्त टिप्पणी, सरकार पर दबाव
महालेखाकार ने इस पूरे मामले को “असाधारण” बताते हुए स्पष्ट संकेत दिया है कि यह सामान्य वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि बड़े स्तर का संगठित घोटाला हो सकता है। राज्य सरकार को भेजे गए पत्र में उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की गई है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

क्या यह अकेला मामला है या बड़ा नेटवर्क?
इस घोटाले ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं— क्या यह केवल एक जिले तक सीमित मामला है? क्या इसमें विभागीय स्तर पर मिलीभगत शामिल है? क्या ऐसे और भी फर्जी खाते और डेटा में छेड़छाड़ हुई है? इन सवालों के जवाब अब जांच एजेंसियों को देने होंगे।

सिस्टम पर भरोसा हिला देने वाला मामला
बोकारो का यह घोटाला सिर्फ पैसों की हेराफेरी नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल है। जब सरकारी सिस्टम के भीतर ही डेटा बदला जा सकता है और करोड़ों की निकासी की जा सकती है, तो यह केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सिस्टम फेलियर का संकेत है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस मामले में सिर्फ निचले स्तर पर कार्रवाई होगी या फिर बड़े चेहरों तक भी जांच पहुंचेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *