घाटशिला में बोले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन — “व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, हक-अधिकार के लिए लड़िए चुनाव”
घाटशिला, झारखंड: चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घाटशिला में आयोजित जनसभा में लोगों से सीधा संवाद किया और जनता से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जनता के बीच कई नेता और दल वोट मांगने आएंगे, लेकिन जनता को यह समझना होगा कि चुनाव व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं, बल्कि जनता के हक और अधिकार की लड़ाई है। बहुत लोग आएंगे वोट मांगने, लेकिन सोचिए कौन दिला रहा है आपका हक.

मुख्यमंत्री ने कहा,
“आप देखिएगा, आपके पास बहुत सारे लोग वोट मांगने आएंगे। कुछ अपने प्रचार की गाड़ियाँ लेकर घूमेंगे, कुछ लोग व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए सड़कों पर उतरेंगे। लेकिन याद रखिए — चुनाव किसी का स्वार्थ साधने का माध्यम नहीं है। यह अपने हक-अधिकार को प्राप्त करने और दिलाने की प्रक्रिया है।”
उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कोई ताकत आज झारखंड के आदिवासी-मूलवासियों के अधिकार को उनके दरवाजे तक पहुंचाने का काम कर रही है, तो वह सिर्फ झारखंड मुक्ति मोर्चा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार आपके दरवाजे तक पहुंचा रही अधिकार
सीएम सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के हर वर्ग — विशेषकर आदिवासियों, किसानों और युवाओं — के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा,
“हमारी सरकार सिर्फ योजनाएँ नहीं बना रही, बल्कि आपके दरवाजे तक आपके हक पहुंचा रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने हमेशा झारखंड की आत्मा — यानी इसके लोग — को केंद्र में रखकर काम किया है।”
सोमेश नया चेहरा है, लेकिन जनता की सेवा के लिए तैयार है
सभा में मुख्यमंत्री ने पार्टी उम्मीदवार सोमेश का परिचय कराते हुए जनता से उन्हें समर्थन देने की अपील की। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा —
“हमने यहां एक नौजवान को प्रत्याशी बनाया है। यह अभी कोरा कागज़ है — इस पर घाटशिला की जनता जो लिखेगी, वही उसकी पहचान बनेगी। अभी सीखने का वक्त है, लेकिन इस कागज़ पर जो लिखा जाएगा, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बनेगा।”
उन्होंने कहा कि सोमेश घाटशिला के लोगों की सेवा के लिए 24 घंटे तैयार रहेंगे, और जनता के बीच रहकर उनके मुद्दों को प्राथमिकता देंगे।

जैसा प्यार रामदास दा को दिया, वैसा ही आशीर्वाद सोमेश को दें
अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा —
“जैसा स्नेह और समर्थन आपने स्वर्गीय रामदास दा को दिया था, वैसा ही प्यार और आशीर्वाद आप सोमेश को भी दीजिएगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा आपकी आवाज़ है, आपकी उम्मीद है और आपके अधिकारों की गारंटी है।”
यह भाषण न केवल राजनीतिक अपील था, बल्कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जनता से राज्य की आत्मा और अस्मिता की रक्षा के लिए एक आह्वान भी था। घाटशिला की यह सभा झारखंड के ग्रामीण इलाकों में चुनावी हवा को नया रुख देती दिखाई दे रही है।








