झारखंड में APAAR ID को लेकर बढ़ी सख्ती, स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक अनिवार्य हुई डिजिटल पहचान

APAAR ID Jharkhand

NEP 2020 के तहत छात्रों के लिए डिजिटल अकादमिक पहचान का अभियान तेज, नामांकन से परीक्षा तक बढ़ेगी APAAR ID की भूमिका

dipika pandey sing
दीपक कुमार थाना प्रभारी रामगढ़ घाटों
द हॉप मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल रांची रोड मरार रामगढ़
बिहार फाऊंडरी एंड कास्टिंग लिमिटेड इंडस्ट्रीज एरिया मरार रामगढ़
मां तारा सेवा समिति
मां सेवा यतन हॉस्पिटल
रजरप्पा थाना प्रभारी श्री कृष्ण कुमार
रमेश रविदास
रमेश सिंह
राधा गोविंद यूनिवर्सिटी लाल की घाटी रामगढ़
रोटरी रामगढ़ सिटी के पूर्व अध्यक्ष श्री आदर्श चौधरी
रोटेरियन हरीश चौधरी
होटल सम्राट गोला रोड
होटल तेजस
होटल ट्रीट थाना चौक रामगढ़
15 Aug 2026 poat Ads Ramgarh

रांची: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शुरू की गई ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (APAAR) ID को झारखंड में तेजी से लागू किया जा रहा है। राज्य के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को शत-प्रतिशत छात्रों की APAAR ID तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन इसे भविष्य की डिजिटल शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला मान रहे हैं। हालांकि, आधार डेटा में त्रुटियां, रिकॉर्ड मिसमैच और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण यह अभियान अभी अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया है।

विश्वविद्यालयों में APAAR और ABC ID हुई अनिवार्य
रांची विश्वविद्यालय समेत राज्य के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में APAAR ID और Academic Bank of Credits (ABC) ID को अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि भविष्य में नामांकन, परीक्षा फॉर्म, क्रेडिट ट्रांसफर और छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के लिए यह आईडी बेहद महत्वपूर्ण होगी। रांची विश्वविद्यालय ने अपने सभी संबद्ध कॉलेजों को छात्रों की प्रोफाइल अपडेट करते समय APAAR ID लिंक करने का निर्देश दिया है। वहीं, चांसलर पोर्टल के माध्यम से नए नामांकन के दौरान भी छात्रों से APAAR और ABC ID की जानकारी मांगी जा रही है।

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Cambrian public school
RKDF University
Sarla Birla school
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आशुतोष सिंह कुज्जू थाना प्रभारी
झारखंड हॉस्पिटल
डीड राइटर रामगढ़ 1
थेरेपी वर्ल्ड स्पा
बागड़िया ब्रदर श्याम कंपलेक्स
प्रो केयर डेंटल क्लिनिक
पॉली डॉग हॉस्पिटल रांची
न्यू रामगढ़ टेंट हाउस
निवेदक श्री सदानंद कुमार
निवेदक नवीन प्रकाश पांडे थाना प्रभारी रामगढ़ थाना

DSW ने बताया क्यों जरूरी है APAAR ID
रांची विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहू ने कहा कि APAAR ID राष्ट्रीय शिक्षा नीति की एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे छात्रों का संपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेगा। मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम, क्रेडिट ट्रांसफर और अन्य विश्वविद्यालयों में अध्ययन के दौरान भी इसका लाभ मिलेगा।

सेंट्रल हार्डवेयर
सतीश गुप्ता
श्री शंकर मिश्रा
श्री पंकज कुशवाहा
श्री कृष्ण विद्या मंदिर
श्री आजाद सिंह
अनिल शर्मा सर
किशन जयसवाल
गोविंद मेवाड़
छोटू सिंह
जॉनी अग्रवाल
डॉ. राकेश सिंह
तिलक राज मंगलम
बंटी मोदी
मनोज अग्रवाल
मुकेश राम
राजू गुप्ता उर्फ जयनारायण साहू
राहुल कुमार उर्फ सोनू

स्कूलों में भी चल रहा विशेष अभियान
झारखंड शिक्षा परियोजना के निर्देश पर सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में APAAR ID बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न जिलों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अभी तक केवल 40 से 55 प्रतिशत विद्यार्थियों की ही APAAR ID बन पाई है।

  • धनबाद में 1259 ऐसे स्कूल चिन्हित किए गए हैं जहां एक भी नया APAAR ID नहीं बना है।
  • जिले में अब तक लगभग 52 प्रतिशत छात्रों की ID तैयार हो सकी है।
  • बोकारो में 3.43 लाख छात्रों के लक्ष्य के मुकाबले करीब 55 प्रतिशत विद्यार्थियों की ID बनी है।
  • हजारीबाग में लगभग 44 प्रतिशत छात्रों का पंजीकरण पूरा हो पाया है।
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डेटा मिसमैच बना सबसे बड़ा रोड़ा
APAAR ID बनाने में सबसे बड़ी समस्या आधार कार्ड और स्कूल रिकॉर्ड के बीच जानकारी का मेल नहीं होना है। कई मामलों में छात्रों के नाम, जन्मतिथि, अभिभावकों के नाम और वर्तनी में अंतर होने के कारण सत्यापन प्रक्रिया अटक रही है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में डिजिटल जागरूकता की कमी भी इस अभियान को प्रभावित कर रही है। शिक्षा पदाधिकारी बादल राज ने कहा कि सभी जिलों को 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया है। जहां तकनीकी समस्याएं हैं, वहां विशेष शिविर लगाकर आधार और अन्य दस्तावेजों में सुधार कराया जा रहा है।

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क्या है APAAR ID?
APAAR ID छात्रों के लिए एक विशिष्ट डिजिटल पहचान संख्या है, जिसमें उनकी पूरी शैक्षणिक यात्रा का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है। यह Academic Bank of Credits (ABC) से जुड़ी होती है, जहां छात्र द्वारा अर्जित शैक्षणिक क्रेडिट डिजिटल रूप से संग्रहित किए जाते हैं। इससे छात्रों को कई सुविधाएं मिलेंगी:

  • विश्वविद्यालय बदलने पर रिकॉर्ड ट्रांसफर आसान होगा।
  • क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा मिलेगी।
  • मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम का लाभ मिलेगा।
  • छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक योजनाओं तक आसान पहुंच होगी।
  • पूरी अकादमिक प्रोफाइल डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगी।

‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ की दिशा में बड़ा कदम
शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि APAAR ID भविष्य में देश की शिक्षा व्यवस्था में “वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी” की अवधारणा को मजबूत आधार प्रदान करेगी। इसके माध्यम से छात्रों का शैक्षणिक सफर अधिक पारदर्शी, डिजिटल और सुविधाजनक बनेगा।

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