हार के बाद कांग्रेस में उबाल: राधा कृष्ण किशोर ने खोला मोर्चा, संगठन पर उठाए गंभीर सवाल

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बंगाल-असम नतीजों के बाद झारखंड कांग्रेस में बढ़ी हलचल

रांची: झारखंड में कांग्रेस के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। बंगाल और असम चुनाव में मिली हार के बाद अब पार्टी के अंदर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। राज्य सरकार में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है, जिससे पार्टी में अंदरूनी खटपट तेज हो गई है।

बेटे प्रशांत किशोर ने दिया इस्तीफा
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राधा कृष्ण किशोर के बेटे प्रशांत किशोर ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश प्रभारी को मैसेज के जरिए भेजकर निर्णय की जानकारी दी।

जंबो कमेटी पर उठाए सवाल
राधा कृष्ण किशोर ने प्रदेश कांग्रेस द्वारा गठित नई कमेटी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने 81 सीटों वाले झारखंड विधानसभा के लिए 300 से अधिक सदस्यों की कमेटी को अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी कमेटी कितनी प्रभावी होगी, यह समय ही बताएगा।

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योगेंद्र साव और रमा खलखो मुद्दा बना विवाद का केंद्र
उन्होंने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के निष्कासन पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर उनका दोष क्या था, जिसके कारण उन्हें तीन वर्षों के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया। इसके साथ ही उन्होंने रमा खलखो को कमेटी में शामिल किए जाने पर भी आपत्ति जताई और इसे पार्टी के भीतर विरोधाभास करार दिया।

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सोशल मीडिया पर पत्र शेयर कर जताया विरोध
राधा कृष्ण किशोर ने प्रदेश प्रभारी के राजू को लिखे अपने पत्र को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए तीखा तंज कसा। उन्होंने लिखा कि पार्टी में “एक आंख में सुरमा और दूसरी में काजल” की स्थिति बन गई है, जिससे कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

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नेतृत्व परिवर्तन की भी मांग
अपने पत्र में उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि संगठन को मजबूत करना है, तो केवल बड़ी कमेटी बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रदेश नेतृत्व में बदलाव पर भी विचार करना होगा।

प्रभारी के राजू ने दिया जवाब
इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश प्रभारी के राजू ने कहा कि उन्हें राधा कृष्ण किशोर का पत्र प्राप्त हुआ है और इस संबंध में उनसे बातचीत भी की गई है। उन्होंने कहा कि कमेटी का गठन सोच-समझकर किया गया है और इसमें सभी को जिम्मेदारी दी गई है।

“सोशल मीडिया पर पत्र डालना सही नहीं”
के राजू ने यह भी कहा कि पार्टी के अंदरूनी मुद्दों को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करना उचित नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि मई महीने में होने वाली पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

प्रशांत किशोर के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया
प्रशांत किशोर के इस्तीफे को लेकर के राजू ने बताया कि उन्हें केवल टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से इसकी सूचना मिली है और इस पर भी पार्टी स्तर पर विचार किया जाएगा।

क्या बढ़ेगा कांग्रेस का संकट?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी हार के बाद इस तरह की अंदरूनी कलह पार्टी के लिए नुकसानदेह हो सकती है। अगर समय रहते इस विवाद को नहीं सुलझाया गया, तो यह संगठनात्मक कमजोरी को और बढ़ा सकता है।

झारखंड कांग्रेस में उभरा यह विवाद पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को कैसे संभालता है और क्या इससे संगठन पर कोई बड़ा असर पड़ता है या नहीं।

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