सरला बिरला पब्लिक स्कूल, राँची के विद्यार्थियों ने ‘जॉय ऑफ गिविंग वीक’ में दिखाई सेवा और करुणा की मिसाल
राँची : राँची स्थित सरला बिरला पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने ‘जॉय ऑफ गिविंग वीक’ के तहत प्रेम, दया और सेवा की भावना का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। सेवा कार्यक्रम के एक हिस्से के रूप में आयोजित इस सप्ताह के दौरान छात्रों ने समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचकर उन्हें सहयोग और स्नेह का संदेश दिया। इस अभियान में विद्यार्थियों ने गुरु नानक होम फॉर चिल्ड्रेन विद डिसएबिलिटीज़, करुणा अनाथालय, सेंट माइकल ब्लाइंड स्कूल और अपना घर वृद्धाश्रम का दौरा किया। प्रत्येक स्थान पर उन्होंने जरूरत की वस्तुएँ जैसे कपड़े, मिठाइयाँ, किताबें और दैनिक उपयोग की सामग्री भेंट की।

बच्चों संग बिताए हँसी-खुशी भरे पल
गुरु नानक होम फॉर चिल्ड्रेन विद डिसएबिलिटीज़ में विद्यार्थियों ने वहाँ के बच्चों के साथ खेलकूद और बातचीत के ज़रिए खुशियाँ बाँटी। उनके चेहरों पर मुस्कान देखकर पूरा वातावरण उल्लास और स्नेह से भर गया। संस्थान के प्रबंधन ने स्कूल के इस सामाजिक योगदान की सराहना की और विद्यार्थियों के प्रति आभार प्रकट किया।
अनाथालय और ब्लाइंड स्कूल में छुआ दिलों को
करुणा अनाथालय की यात्रा ने बच्चों के दिलों को करुणा और संवेदनशीलता से भर दिया। उन्होंने वहाँ के बच्चों को आवश्यक वस्तुएँ भेंट कीं और उनके साथ आत्मीयता से बातचीत की। वहीं, सेंट माइकल ब्लाइंड स्कूल की यात्रा ने विद्यार्थियों को जीवन के प्रति नई दृष्टि दी। दृष्टिबाधित बच्चों के साथ समय बिताते हुए उन्होंने सीखा कि असली खुशी बाँटने में ही है।

वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को दिया प्रेम और सम्मान
‘अपना घर’ वृद्धाश्रम में विद्यार्थियों ने बुजुर्गों के साथ प्रार्थना की, गीत गाए और दीये वितरित किए। उनकी आँखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान देखकर बच्चों के मन में कृतज्ञता की गहरी भावना जाग उठी। बुजुर्गों ने उन्हें आशीर्वाद दिया, जिससे यह अनुभव उनके लिए अविस्मरणीय बन गया।
प्राचार्या का संदेश — करुणा ही सच्चा शिक्षण है
कार्यक्रम पर विचार व्यक्त करते हुए प्राचार्या मनीषा शर्मा ने कहा,
“विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। ‘जॉय ऑफ गिविंग वीक’ जैसी पहलें उन्हें समाज के प्रति करुणा, कृतज्ञता और सहयोग की भावना सिखाती हैं।”
दान और सेवा का सच्चा आनंद
‘जॉय ऑफ गिविंग वीक’ ने सरला बिरला पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों को यह सिखाया कि सेवा का आनंद सबसे बड़ा सुख है। यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवीयता, दानशीलता और प्रेम का उत्सव बन गया जिसने बच्चों के जीवन में करुणा का एक स्थायी प्रकाश जला दिया।








