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सरायकेला में उपायुक्त की अध्यक्षता में कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन पर समीक्षा बैठक सम्पन्न

Saraikela Development

सरायकेला से संवाददाता बिद्युत महतो: समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य था — श्रमिक वर्ग को सरकार की योजनाओं से प्रभावी रूप से जोड़ना और आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ बनाना।

श्रमिकों को योजनाओं से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता — उपायुक्त
बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि श्रम विभाग से पंजीकृत सभी लाभुकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए अधिकतम लाभ प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा —

“सरकार की योजनाएँ तभी सफल होंगी, जब उनका लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। हर पंजीकृत श्रमिक को नियमानुसार निबंधन कर योजनाओं से जोड़ा जाए।”

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संगठित और असंगठित दोनों वर्गों के श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।

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कार्य एजेंसियों के बीच समन्वय पर बल
उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि विभिन्न कार्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि —

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“सभी कार्यस्थलों पर योजना से संबंधित बैनर और सूचना पट लगाए जाएं, जिससे अधिक से अधिक श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी मिल सके।”

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आश्रितों को मिले त्वरित सहायता और पेंशन लाभ
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि यदि किसी श्रमिक की असामयिक मृत्यु होती है तो उनके आश्रितों को तत्काल सरकारी सहायता एवं पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का दायित्व है कि ऐसे परिवारों को संकट की घड़ी में हरसंभव सहयोग मिले।

महिलाओं के प्रशिक्षण को मिले स्वरोजगार से जोड़ने का अवसर बैठक में RSETI (Rural Self Employment Training Institute) की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सख्त लहजे में कहा —

“प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए। हर प्रशिक्षित महिला को ऋण सुविधा और स्वरोजगार के अवसर से जोड़ा जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।”

उन्होंने यह भी कहा कि महिला स्व–सहायता समूहों को वित्तीय सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस सहायता दी जाए।

अधिकारी व एजेंसियों को मिले ठोस लक्ष्य
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विभागीय अधिकारी अपने–अपने क्षेत्र में

  • प्रशिक्षित लाभुकों की ट्रैकिंग करें,
  • आजीविका से जोड़ने के परिणाम प्रस्तुत करें,
  • और सफल उदाहरणों को अन्य प्रखंडों में मॉडल के रूप में साझा करें।

बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर, जिला नियोजन पदाधिकारी आलोक टोपनो, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा प्रशिक्षण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

आत्मनिर्भर झारखंड की दिशा में कदम
बैठक के अंत में उपायुक्त ने कहा कि कौशल विकास और आजीविका संवर्धन की यह प्रक्रिया “झारखंड के हर परिवार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम है।” उन्होंने सभी विभागों से इस मिशन को सामूहिक जिम्मेदारी के साथ पूरा करने की अपील की।

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