रांची में फुटपाथ दुकानदारों का निगम पर घेराव, आंदोलन होगा और तेज

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रांची: राजधानी रांची के फुटपाथ दुकानदारों ने सोमवार को नगर निगम कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) के बैनर तले हजारों की संख्या में जुटे दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें संवैधानिक अधिकार और स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के तहत सुविधाएँ नहीं दी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।

निगम प्रशासक से हुई वार्ता
प्रदर्शनकारियों के दबाव के बीच नगर निगम के प्रशासक वार्ता के लिए सामने आए। फुटपाथ दुकानदार संघ के नेता संदीप कुमार वर्मा, विकास वर्मा, एटक नेताओं और भाकपा के राज्य सचिव महेंद्र पाठक तथा जिला सचिव अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई इस वार्ता को सकारात्मक बताया गया। नेताओं ने निगम को याद दिलाया कि संसद ने 2009 और 2014 में स्ट्रीट वेंडर्स के अधिकारों पर कानून पारित किया था, और झारखंड सरकार ने 2017 में एक्ट लागू किया था। इसके बावजूद आज भी फुटपाथ दुकानदारों को न तो वेंडिंग जोन की सुविधा दी गई है और न ही कमेटियों का चुनाव कराया गया।

पुरानी वेंडिंग जोन के बदले नई सुविधा की मांग
नेताओं ने मांग रखी कि पुरानी वेंडिंग जोन के स्थान पर नई जोन बनाई जाएं और चुनाव कर नई टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) गठित की जाए। साथ ही दुकानदारों को उनके मौजूदा ठिकानों पर बिना बाधा जीविका चलाने दिया जाए। निगम से यह भी मांग रखी गई कि वेंडिंग जोन में शौचालय, पेयजल और स्टोरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

हम कॉरपोरेट्स के खिलाफ लड़ रहे हैं”
सभा को संबोधित करते हुए एटक नेता संदीप कुमार वर्मा ने कहा—
“जब तक हमें संवैधानिक अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।”
वहीं, भाकपा राज्य सचिव महेंद्र पाठक ने कहा—
“हमेशा फुटपाथ दुकानदार गरीब तबके के लोगों के लिए सस्ते दाम पर सामान उपलब्ध कराते हैं। लेकिन सरकार बड़े-बड़े कॉरपोरेट घरानों और ऑनलाइन व्यापारियों के इशारे पर फुटपाथ व्यापार को खत्म करना चाहती है। यह हम किसी भी कीमत पर होने नहीं देंगे।”

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निगम ने जताई सहमति, आंदोलन जारी रहेगा
वार्ता के बाद निगम ने कई मांगों पर सहमति जताई। लेकिन नेताओं ने स्पष्ट किया कि मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुआ जा सकता। उन्होंने कहा कि रांची में लगभग 50,000 फुटपाथ दुकानदार हैं, जो शहर की 80% आबादी को सस्ते दर पर सामान मुहैया कराते हैं। सरकार और निगम, कॉरपोरेट घरानों के दबाव में इन दुकानदारों से मोटी रकम वसूल रही है और बेदखली की कार्रवाई कर रही है।

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आंदोलन की नई रणनीति
सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब हर जोन में नुक्कड़ सभा, आम सभा और बैठकों के जरिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा। गैरकानूनी बेदखली और पुलिसिया दुर्व्यवहार पर रोक लगाने, दुकानदारों का सर्वेक्षण कर प्रमाणपत्र देने और नई टीवीसी गठित कर संवैधानिक अधिकार देने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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संघर्ष अभी बाकी है
नेताओं ने फुटपाथ दुकानदारों से अपील की कि वे लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहें। आंदोलन को तेज करने की रणनीति अपनाई जाएगी ताकि सरकार और निगम दोनों को झुकना पड़े।

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