गिरिडीह में साइबर ठगी और स्कॉर्पियो चोरी गिरोह का भंडाफोड़
पांच अपराधी गिरफ्तार; फर्जी ऐप से खाली करते थे बैंक खाते
गिरिडीह: गिरिडीह पुलिस ने शनिवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए स्कॉर्पियो चोरी और साइबर ठगी में लिप्त एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह न केवल वाहन चोरी में संलिप्त था, बल्कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए लाखों रुपये लोगों के बैंक खातों से उड़ा चुका था। पुलिस ने संयुक्त अभियान में गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अपराधी मौके से फरार हो गया।
गोपनीय सूचना से शुरू हुई कार्रवाई
गिरिडीह पुलिस को खुफिया सूत्रों से सूचना मिली कि पटना से खरीदी गई चोरी की स्कॉर्पियो गिरिडीह–गांडेय रोड होते हुए जमालगंज ले जाई जा रही है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना गिरिडीह और गांडेय थाना की संयुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने रूट की घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया।
जांच के दौरान वाहन के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए और पूछताछ में इसका कनेक्शन एक बड़े साइबर गैंग से जुड़ता गया। इसके बाद पुलिस ने अपराधियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू की।
फर्जी ऐप से बैंक खाते होते थे खाली
पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण में खुलासा हुआ कि यह गिरोह WhatsApp के माध्यम से लोगों को फर्जी RTO Challan.apk और E-Challan.apk भेजता था। इन ऐप्स को KYC अपडेट, चालान की जांच, या वाहन दस्तावेज सत्यापन के नाम पर डाउनलोड करवाया जाता था।
एपीके डाउनलोड होते ही अपराधी पीड़ित के मोबाइल फोन पर रिमोट एक्सेस हासिल कर लेते थे। इसके बाद—
- बैंक ऐप्स का कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते
- OTP इंटरसेप्ट कर लेते
- और मिनटों में खाते खाली कर देते
इस तरह साइबर फ्रॉड से जुटाई गई रकम से यह गिरोह वाहन खरीदता, महंगे गैजेट्स लेता और अपराध को आगे बढ़ाने के लिए नेटवर्क और मजबूत करता था।
अंतरराज्यीय नेटवर्क चला रहा था गैंग
गिरिडीह पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य गिरिडीह और बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के रहने वाले हैं। यह गिरोह झारखंड, बिहार और बंगाल के कई जिलों में सक्रिय था। इन अभियुक्तों का नेटवर्क इतना मजबूत था कि कुछ मामलों में पीड़ितों को लंबे समय तक पता भी नहीं चलता था कि उनके बैंक खातों में सेंध लग चुकी है।
पुलिस ने बताया कि गिरोह का एक सदस्य मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
गिरफ्तारी और जब्ती
संयुक्त पुलिस टीम ने मौके से पाँच अपराधियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में पुलिस ने भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और अन्य सामान बरामद किए। जब्त किए गए सामान में शामिल हैं—
- 10 मोबाइल फोन
- 14 सिम कार्ड
- चोरी की स्कॉर्पियो गाड़ी
- फर्जी बैंकिंग ऐप इंस्टॉल करवाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले गैजेट्स
गिरफ्तार किए गए आरोपी साइबर क्राइम से हुई आय से महंगी गाड़ियां और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदते थे। इनकी योजना उन वाहनों और उपकरणों को दूसरे राज्यों में खपाने की भी थी।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी
गिरिडीह साइबर थाना में कांड संख्या 39/2025 दिनांक 28 नवंबर के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरोह के काम करने के तरीके को देखते हुए पुलिस का मानना है कि कई और पीड़ित सामने आ सकते हैं और गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस बैंकिंग फ्रॉड के अन्य मामलों को भी इस गैंग से जोड़कर देख रही है।
पुलिस ने दी चेतावनी — फर्जी APK से रहें सावधान
पुलिस ने आम जनता को अलर्ट करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें।
बैंक, RTO, पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी द्वारा .apk फाइल भेजकर डाउनलोड करने की सलाह कभी नहीं दी जाती।
पुलिस ने सुझाव दिया—
- किसी भी संदिग्ध लिंक को न खोलें
- OTP किसी को न दें
- साइबर फ्रॉड होने पर तत्काल 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं
अभियान आगे भी जारी रहेगा
गिरिडीह पुलिस ने कहा है कि साइबर ठगी और वाहन चोरी से जुड़े गिरोहों पर लगातार सख्ती जारी रहेगी। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे कर सकती है।








