खान सर की कोचिंग में नहीं मिले फायर अलार्म और पर्याप्त एक्स्टिंग्विशर, अग्निशमन विभाग ने दी 7 दिन की मोहलत
फायर ऑडिट में सामने आई कई गंभीर खामियां, समय सीमा के भीतर सुधार नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई
पटना: खान सर के चर्चित संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में हुए विवादों के बीच अब अग्निशमन विभाग की फायर ऑडिट टीम ने संस्थान में कई गंभीर सुरक्षा खामियां पाई हैं। निरीक्षण के बाद विभाग ने संस्थान को फायर सेफ्टी मानकों का पालन करने के लिए 7 दिनों की अंतिम मोहलत दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के भीतर कमियों को दूर नहीं किया गया तो संस्थान के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
दोबारा निरीक्षण में भी नहीं मिला संतोषजनक सुधार
अग्निशमन विभाग की टीम ने खान ग्लोबल स्टडीज का दोबारा निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि पहले जारी किए गए निर्देशों के बावजूद संस्थान में फायर सेफ्टी से जुड़े जरूरी सुधार नहीं किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए यह मामला बेहद गंभीर है। इसलिए संस्थान को अंतिम अवसर देते हुए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
फायर फाइटिंग सिस्टम की भारी कमी
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक भवन में कई बुनियादी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद नहीं हैं।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि:
- भवन में फिक्स्ड फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं है।
- आवश्यक 25 हजार लीटर क्षमता के ओवरहेड वाटर टैंक की जगह केवल 5 हजार लीटर का टैंक मौजूद है।
- 900 लीटर प्रति मिनट क्षमता का फायर पंप स्थापित नहीं किया गया है।
- डाउन-कॉमर सिस्टम नहीं मिला।
- फायर अलार्म सिस्टम की व्यवस्था नहीं है।
- आपातकालीन निकास (एग्जिट) से जुड़े साइनेज भी नहीं लगाए गए हैं।
पर्याप्त अग्निशामक यंत्र भी नहीं मिले
फायर ऑडिट के दौरान यह भी पाया गया कि भवन में आवश्यक संख्या में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध नहीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार:
- 20 एबीसी (ABC) टाइप फायर एक्स्टिंग्विशर नहीं मिले।
- 6 CO-2 प्रकार के अग्निशामक यंत्र भी उपलब्ध नहीं पाए गए।
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी बड़े शिक्षण संस्थान में आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए इन उपकरणों का होना अनिवार्य माना जाता है।
आपातकालीन निकासी व्यवस्था भी अधूरी
निरीक्षण टीम ने भवन की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर भी कई कमियां चिन्हित की हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि:
- भवन में रबर मैट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
- आवश्यक सेटबैक उपलब्ध नहीं है।
- आपातकालीन स्थिति में उपयोग के लिए दूसरी सीढ़ी (Emergency Exit Staircase) नहीं बनाई गई है।
ये कमियां किसी भी आपदा की स्थिति में छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।
7 दिन बाद फिर होगी समीक्षा
अग्निशमन विभाग ने खान ग्लोबल स्टडीज प्रबंधन को सभी आवश्यक फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। विभाग का कहना है कि एक सप्ताह बाद दोबारा समीक्षा की जाएगी। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियों को दूर नहीं किया गया तो संस्थान के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल फायर ऑडिट रिपोर्ट सामने आने के बाद खान ग्लोबल स्टडीज एक बार फिर चर्चा में है और छात्रों तथा अभिभावकों के बीच भी सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।






