झारखंड को मिलेगा पहला फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, SRFTI के साथ हुआ समझौता; 10 प्रोफेशनल कोर्स होंगे शुरू
रांची: झारखंड के युवाओं के लिए फिल्म, टेलीविजन और मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत करते हुए राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में मंगलवार को झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFDCL) और देश के प्रतिष्ठित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के साथ राज्य के पहले फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ झारखंड की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है।
रांची में स्थापित होने वाला यह संस्थान आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा, जहां झारखंड के युवाओं को फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा।
अब मीडिया की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन अब तक युवाओं को फिल्म और मीडिया की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। नए संस्थान की स्थापना के बाद राज्य के युवाओं को अपने ही राज्य में आधुनिक मीडिया शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला मंच होगा। इससे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय कलाकारों को पहचान मिलेगी तथा झारखंड की जनजातीय संस्कृति, लोककला और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
SRFTI देगा तकनीकी और शैक्षणिक सहयोग
MoU के तहत SRFTI, कोलकाता संस्थान के विकास में प्रमुख भूमिका निभाएगा। संस्थान के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने, पाठ्यक्रम विकसित करने, तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग देने और फैकल्टी सपोर्ट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी SRFTI निभाएगा। संस्थान में अत्याधुनिक फिल्म स्टूडियो, डिजिटल प्रोडक्शन लैब, एडिटिंग सूट, साउंड रिकॉर्डिंग स्टूडियो और पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके।
पहले चरण में शुरू होंगे 10 रोजगारोन्मुखी कोर्स
संस्थान के पहले चरण में युवाओं के लिए 10 व्यावसायिक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे—
- फिल्म एप्रिसिएशन
- स्क्रीन एक्टिंग
- स्क्रीनप्ले राइटिंग फॉर टेलीविजन एंड OTT
- डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकिंग
- शॉर्ट फिक्शन फिल्म डायरेक्शन
- डिजिटल सिनेमैटोग्राफी
- डिजिटल एडिटिंग
- साउंड रिकॉर्डिंग एंड डिजाइनिंग
- प्रोडक्शन मैनेजमेंट फॉर सिनेमा एंड टेलीविजन
- न्यूज एंकरिंग, रिपोर्टिंग एंड न्यूजरूम ऑटोमेशन
इन पाठ्यक्रमों को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
4 से 24 सप्ताह तक होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम
संस्थान में 4, 8, 12 और 24 सप्ताह की अवधि वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। नियमित कक्षाएं सोमवार से शुक्रवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगी। वहीं, फिल्म निर्माण, शूटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन से जुड़े व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए सप्ताहांत में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस प्रशिक्षण मॉडल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक फिल्म निर्माण और मीडिया प्रोडक्शन की पूरी प्रक्रिया से जोड़ना है।
झारखंड की संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा नया मंच
राज्य सरकार का मानना है कि इस संस्थान की स्थापना से झारखंड में फिल्म निर्माण को नई गति मिलेगी। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, लोककला और पर्यटन स्थलों को फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों, लेखकों, सिनेमैटोग्राफरों, संपादकों, तकनीशियनों और मीडिया पेशेवरों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। इससे राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड का पहला फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट राज्य को मीडिया और फिल्म शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।






