तिरंगा यात्रा में शामिल होने पहुंचे देवेंद्र महतो, पुलिस से धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल
















रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के बीच स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजधानी रांची में एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चल रहे JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 15 अगस्त को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जताई थी। हालांकि, रांची सदर अस्पताल में भर्ती होने के कारण उन्हें चिकित्सकीय अनुमति नहीं मिली।
तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश के दौरान पुलिसकर्मियों और देवेंद्र नाथ महतो के बीच कथित धक्का-मुक्की का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। घटना के बाद छात्र आंदोलन से जुड़े समर्थकों और प्रशासन के बीच विवाद और गहरा गया है।















2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं देवेंद्र नाथ महतो
देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वह 2 अगस्त से अनशन पर हैं। लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आंदोलनरत छात्रों की ओर से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से तिरंगा यात्रा निकाली जानी थी। देवेंद्र नाथ महतो भी इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहते थे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को पत्र लिखकर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए छुट्टी देने की अनुमति मांगी थी।


















अस्पताल से निकलने की कोशिश, पुलिस ने रोका
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल से बाहर निकलने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ उनकी धक्का-मुक्की होती नजर आ रही है।घटना के दौरान अस्पताल परिसर में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। खासकर ICU के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। पुलिस और अस्पताल प्रबंधन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी। देवेंद्र नाथ महतो के समर्थकों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर अस्पताल में रोका गया और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया। समर्थकों का कहना है कि देवेंद्र महतो तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने अनुमति भी मांगी थी।
डॉक्टर बोले- स्वास्थ्य की स्थिति बाहर जाने की अनुमति देने लायक नहीं
मामले को लेकर रांची सदर अस्पताल के डॉक्टरों से जानकारी ली गई। डॉक्टर विमलेश कुमार के मुताबिक, लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने के कारण देवेंद्र नाथ महतो की शारीरिक स्थिति फिलहाल ऐसी नहीं है कि उन्हें अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति दी जा सके।डॉक्टर के अनुसार मेडिकल टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही है। चिकित्सकों ने उनकी मौजूदा स्थिति को देखते हुए अस्पताल से बाहर जाकर तिरंगा यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक भोजन नहीं लेने के कारण शरीर पर इसका असर पड़ सकता है और ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय निगरानी जरूरी है।
समर्थकों ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
दूसरी तरफ देवेंद्र नाथ महतो के समर्थकों ने अस्पताल प्रबंधन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समर्थकों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वह शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे, लेकिन उन्हें अस्पताल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। समर्थकों ने सवाल उठाया कि जब आंदोलन का कार्यक्रम शांतिपूर्ण था तो देवेंद्र नाथ महतो को इसमें शामिल होने से क्यों रोका गया। उनका आरोप है कि प्रशासन की कार्रवाई से छात्र आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, दूसरी ओर चिकित्सकों का कहना है कि निर्णय पूरी तरह उनकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
ICU के बाहर और अस्पताल परिसर में बढ़ी सुरक्षा
विवाद को देखते हुए रांची सदर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। ICU के बाहर और अस्पताल परिसर में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। पुलिस और प्रशासन की कोशिश रही कि अस्पताल परिसर में किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शहर में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी और छात्र आंदोलन को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया था।
JPSC-JSSC आंदोलन के बीच बढ़ा विवाद
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में पिछले कई दिनों से छात्र आंदोलन जारी है। आंदोलनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच और कई परीक्षाओं को लेकर अपनी मांगों पर सरकार से ठोस पहल की मांग कर रहे हैं।इसी आंदोलन के बीच 15 अगस्त को तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का माध्यम बताया। देवेंद्र नाथ महतो के अस्पताल से निकलने की कोशिश और पुलिस के साथ कथित धक्का-मुक्की की तस्वीरें सामने आने के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है।
अब दोनों पक्षों के दावों पर नजर
पूरे घटनाक्रम में फिलहाल दो अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं। देवेंद्र नाथ महतो के समर्थक इसे उन्हें आंदोलन में शामिल होने से रोकने की कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति देना चिकित्सकीय रूप से उचित नहीं था। ऐसे में इस पूरे मामले में प्रशासन, पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है। वहीं JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के अगले चरण पर भी इस घटनाक्रम का असर पड़ने की संभावना है।






