hemant
Tulsyan

8 अक्टूबर को रांची पहुंचेंगे शिवराज सिंह चौहान, कृषि अनुसंधान पर वैज्ञानिकों से करेंगे चर्चा

Shivraj Singh Chouhan Ranchi visit

रांची: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 8 अक्टूबर को एकदिवसीय दौरे पर रांची पहुंचेंगे। उनके झारखंड दौरे में कृषि अनुसंधान और कृषि जैव प्रौद्योगिकी से जुड़े कार्यक्रम प्रमुख रूप से शामिल हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, रांची पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री ICAR–Indian Institute of Agricultural Biotechnology (ICAR-IIAB) का दौरा करेंगे। ICAR-IIAB कृषि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बुनियादी और अनुप्रयुक्त शोध तथा मानव संसाधन विकास पर काम करने वाला संस्थान है। संस्थान का उद्देश्य कृषि जैव प्रौद्योगिकी के उन्नत क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा देना और वैज्ञानिक अनुसंधान को कृषि क्षेत्र की जरूरतों से जोड़ना है।

प्रशासनिक भवन का करेंगे उद्घाटन
प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत शिवराज सिंह चौहान ICAR-IIAB परिसर में नवनिर्मित प्रशासनिक भवन का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। अत्याधुनिक सुविधाओं से तैयार इस भवन के जरिए संस्थान की प्रशासनिक गतिविधियों को बेहतर आधार मिलने की उम्मीद है। ICAR-IIAB में पिछले कुछ समय से बुनियादी ढांचे के विस्तार पर भी काम हुआ है। अप्रैल 2026 में ICAR के सचिव एवं महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने संस्थान का दौरा किया था। इस दौरान प्रिसीजन ब्रीडिंग कॉम्प्लेक्स सहित कई सुविधाओं की आधारशिला रखी गई थी। ICAR ने बताया था कि इन सुविधाओं का उद्देश्य फसल सुधार और जलवायु-सहिष्णु कृषि अनुसंधान की क्षमता को बढ़ाना है।

वैज्ञानिकों और अधिकारियों के साथ बैठक
प्रशासनिक भवन के उद्घाटन के बाद केंद्रीय मंत्री संस्थान के वैज्ञानिकों और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में कृषि अनुसंधान, आधुनिक तकनीक, कृषि जैव प्रौद्योगिकी और किसानों की जरूरतों से जुड़े विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है। इस दौरान शोध संस्थानों में विकसित तकनीकों को खेतों तक पहुंचाने, वैज्ञानिक अनुसंधान को किसानों की व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ने और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हो सकता है। ICAR-IIAB की ओर से भी कृषि अनुसंधान को किसानों तक पहुंचाने पर लगातार जोर दिया गया है। संस्थान की गतिविधियों में वैज्ञानिक खेती, जलवायु-सहिष्णु कृषि, बेहतर फसल किस्मों और किसान-वैज्ञानिक संवाद से जुड़े कार्यक्रम शामिल रहे हैं।

DAV NANDRAJ

कृषि जैव प्रौद्योगिकी पर रहेगा फोकस
रांची स्थित ICAR-IIAB कृषि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शोध के लिए महत्वपूर्ण संस्थानों में शामिल है। संस्थान का शोध दायरा कृषि विज्ञान, जीवन विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित क्षेत्रों तक फैला है। सितंबर 2025 में ICAR के तत्कालीन सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव और ICAR महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने भी ICAR-IIAB का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने संस्थान में विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे और शोध गतिविधियों की समीक्षा की थी। उन्होंने कृषि जैव प्रौद्योगिकी को किसानों और क्षेत्रीय कृषि जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया था।

maa-ram-pyari

किसानों की जरूरतों से जोड़ने पर जोर
शिवराज सिंह चौहान के रांची दौरे के दौरान कृषि अनुसंधान को किसानों की जरूरतों से जोड़ने का मुद्दा भी चर्चा में रहने की संभावना है। केंद्र सरकार की कृषि नीति में उत्पादन के साथ किसानों की आय, जलवायु परिवर्तन से निपटने और तकनीकी नवाचार पर भी जोर दिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री हाल के कार्यक्रमों में कृषि अनुसंधान, विज्ञान और तकनीक को किसानों की आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं। सितंबर 2026 में नई दिल्ली में आयोजित ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 में भी उन्होंने विज्ञान, नीति और बाजार समर्थन के जरिए कृषि एवं किसानों की आजीविका को मजबूत करने की बात कही थी।

Jaipur

राजनीतिक गतिविधियों की भी संभावना
केंद्रीय मंत्री के एकदिवसीय झारखंड दौरे में कृषि संबंधी कार्यक्रमों के अलावा राजनीतिक गतिविधियां भी प्रस्तावित बताई जा रही हैं। हालांकि राजनीतिक कार्यक्रमों का विस्तृत आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने के बाद ही इसकी पूरी जानकारी स्पष्ट होगी। फिलहाल रांची में उनके प्रस्तावित कार्यक्रम का मुख्य केंद्र ICAR-IIAB और कृषि अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियां रहेंगी। प्रशासनिक भवन के उद्घाटन और वैज्ञानिकों के साथ बैठक के जरिए संस्थान के शोध कार्यों, नई तकनीकों और कृषि क्षेत्र में उनके उपयोग को लेकर चर्चा होने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *