JPSC Scam: CID की बड़ी कार्रवाई, चयनित अभ्यर्थी सुमन सौरभ गिरफ्तार
पूछताछ में कथित स्वीकारोक्ति का दावा
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही झारखंड अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारीबाग निवासी एवं झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 (विज्ञापन संख्या-01/2026) की प्रारंभिक परीक्षा में चयनित अभ्यर्थी सुमन सौरभ को गिरफ्तार किया है। सीआईडी के अनुसार, जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि मामले में अन्य संभावित आरोपियों और पूरे कथित नेटवर्क की जांच अभी भी जारी है।
सीआईडी की इस कार्रवाई को JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से आयोग की विभिन्न परीक्षाओं में पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसी क्रम में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर सीआईडी पूरे मामले की जांच कर रही है।
कांड संख्या 16/2026 की जांच के दौरान हुई कार्रवाई
सीआईडी की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई सीआईडी थाना कांड संख्या-16/2026 की जांच के दौरान की गई। जांच एजेंसी ने हजारीबाग पुलिस के सहयोग से सुमन सौरभ को गिरफ्तार किया। सीआईडी का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध तकनीकी और अन्य साक्ष्यों से यह संकेत मिले कि आरोपी ने कथित तौर पर अनुचित तरीके अपनाकर प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन्हीं तथ्यों के आधार पर उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया और बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पूछताछ में कथित स्वीकारोक्ति
सीआईडी ने दावा किया है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित रूप से परीक्षा में अनुचित तरीका अपनाने की बात स्वीकार की है। हालांकि, जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि आरोपी के पास से OMR शीट की कार्बन कॉपी बरामद नहीं हुई है, जिसकी चर्चा इस मामले में पहले भी होती रही है। इसके बावजूद सीआईडी का कहना है कि अन्य उपलब्ध साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एजेंसी का दावा है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण बिंदुओं तक पहुंच चुकी है और आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है CID
सीआईडी अब केवल एक अभ्यर्थी की भूमिका तक सीमित नहीं है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित परीक्षा अनियमितता का पूरा तंत्र कैसे काम करता था, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी और क्या यह किसी संगठित गिरोह या नेटवर्क के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। जांच अधिकारी विभिन्न दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी जानकारियों का भी विश्लेषण कर रहे हैं। इसके अलावा परीक्षा से जुड़े अन्य अभ्यर्थियों और संदिग्ध व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
पहले भी हुई हैं कई गिरफ्तारियां
गौरतलब है कि JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में सीआईडी इससे पहले भी कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है और कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। हाल के दिनों में आयोग के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों और चयनित अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी लगातार अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर रही है। सीआईडी का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अभ्यर्थियों के बीच बढ़ी चिंता
JPSC परीक्षा अनियमितता की जांच तेज होने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। वहीं, जांच एजेंसी का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना है ताकि भविष्य में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।
जांच जारी, अंतिम फैसला अदालत करेगी
फिलहाल सीआईडी पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि आगे की जांच के आधार पर और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। वहीं, कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी के खिलाफ दर्ज आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय न्यायालय में सुनवाई के बाद ही होगा।






