झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता, 16 इनामी माओवादियों ने किया सरेंडर
AK-47, INSAS समेत 11 आधुनिक हथियार सौंपे
रांची: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के बीच पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। विभिन्न प्रतिबंधित माओवादी संगठनों से जुड़े 16 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में रीजनल कमेटी सदस्य (RCM), जोनल कमेटी सदस्य, सब-जोनल कमेटी सदस्य, एरिया कमेटी सदस्य और अन्य सक्रिय कैडर शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने इस सामूहिक आत्मसमर्पण की पुष्टि की है। पूरे मामले की विस्तृत जानकारी 28 जुलाई को आयोजित होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की जाएगी।
कई इनामी माओवादी भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में कई इनामी माओवादी शामिल हैं। इनमें प्रमुख नाम हैं—
- 15 लाख रुपये का इनामी संतोष उर्फ बासुदेव दा उर्फ गांधी (RCM)
- 10 लाख रुपये का इनामी चंदन लोहरा
- 5-5 लाख रुपये के इनामी अनिल तुरी और सुखलाल बिरजिया
- 2 लाख रुपये का इनामी सुदेश होनहागा उर्फ सोनाराम उर्फ सोना
इसके अलावा संतोष मांझी उर्फ जगबंधु, जयकांत मुंडा उर्फ गूंगा उर्फ बंगाली, राजनाथ हांसदा उर्फ गुना हांसदा, एतवारी मांझी उर्फ सोनोत उर्फ संत उर्फ शनिचरवा, देवान मुर्मू उर्फ शनिचर, सुमित्रा सुरीन, चंपा मांझियाइन उर्फ गुड़िया (संथाल कैडर), सालेमी मुंडा उर्फ पारुल, मुन्नी सुरीन उर्फ मुरीन सुरीन और सीता मुंडा ने भी आत्मसमर्पण किया है।
आधुनिक हथियारों का बड़ा जखीरा सौंपा
सरेंडर के दौरान माओवादियों ने सुरक्षा बलों के सामने बड़ी मात्रा में आधुनिक हथियार और गोला-बारूद भी जमा कराया। पुलिस के अनुसार बरामद हथियारों में शामिल हैं—
- 6 INSAS राइफल
- 2 AK-47 राइफल
- 1 HK-33 राइफल
- 1 US Carbine
- 1 M-16 राइफल
इसके अलावा 38 मैगजीन और 1,562 जीवित कारतूस भी पुलिस को सौंपे गए हैं। पुलिस का मानना है कि यह बरामदगी नक्सली संगठन की घटती ताकत और लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों की सफलता का संकेत है।
संगठनात्मक स्तर पर बड़ा झटका
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में 1 रीजनल कमेटी सदस्य, 3 जोनल कमेटी सदस्य, 3 सब-जोनल कमेटी सदस्य, 6 एरिया कमेटी सदस्य, 3 सक्रिय कैडर शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इतने वरिष्ठ स्तर के कैडरों का एक साथ मुख्यधारा में लौटना नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में भी झारखंड से जुड़े 8 माओवादियों ने छोड़ा संगठन
इधर, छत्तीसगढ़ में भी झारखंड से जुड़े आठ माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें जोनल कमेटी सदस्य अश्विन उर्फ लच्छू कोरसा समेत कई एरिया कमेटी सदस्य और अन्य सक्रिय कैडर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी झारखंड में भी सक्रिय रहे थे। आत्मसमर्पण करने वालों में सोहन पुनेम, राती उर्फ मंगली कुंजाम, अनुषा कुंजाम, रजनी मुडकेम, राहत मांडवी, सुबनी और जेलानी के नाम भी शामिल हैं।
पहले भी हो चुके हैं बड़े सरेंडर
इससे पहले 21 मई को झारखंड में 25 माओवादियों और JJMP के दो उग्रवादियों ने भी आत्मसमर्पण किया था। लगातार हो रहे आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियां राज्य में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही हैं।
अब इन बड़े नक्सली नेताओं पर नजर
सुरक्षा एजेंसियों का फोकस अब एक-एक करोड़ रुपये के इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा और असीम मंडल पर है। पुलिस को आशंका है कि दोनों अभी भी सारंडा जंगल क्षेत्र में छिपे हो सकते हैं। सुरक्षा बल उनके खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं।






