रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रक्तदान शिविर का आयोजन, 25 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान
गढ़वा: मानव सेवा और सामाजिक दायित्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रंका अनुमंडल मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 25 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन को बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारंभ रंका प्रखंड प्रमुख लीलावती देवी, जिला परिषद सदस्य प्रमिला देवी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. असजाद अंसारी, समाजसेवी उत्तम पांडेय, किशोर कुमार तथा पूर्व मुखिया प्रतिनिधि राजेश कुमार मद्धेशिया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
रक्तदान से बढ़ती है जीवन बचाने की संभावना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड प्रमुख लीलावती देवी ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त कई लोगों के जीवन को बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे लोगों में रक्तदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. असजाद अंसारी के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली है और दूर-दराज के मरीज भी यहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

अस्पताल को अनुमंडल स्तरीय अस्पताल बनाने की पहल
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. असजाद अंसारी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और इसे अनुमंडल स्तरीय अस्पताल के रूप में विकसित करने के लिए उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात कर मांग रखी है। डॉ. अंसारी ने कहा कि सरकार की ओर से इस दिशा में सकारात्मक आश्वासन मिला है और भविष्य में अस्पताल में और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।

रक्तदान को लेकर भ्रम दूर करने की जरूरत
समाजसेवी उत्तम पांडेय ने कहा कि समाज में अब भी कई लोग रक्तदान को लेकर अनावश्यक भय और भ्रम पालते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्तदान करने से किसी प्रकार की शारीरिक कमजोरी नहीं आती, बल्कि शरीर में नए रक्त का निर्माण होता है और व्यक्ति खुद को अधिक ऊर्जावान महसूस करता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी अजनबी की जिंदगी बचाने का माध्यम बन सकता है और इससे बड़ा पुण्य कार्य कोई नहीं हो सकता। लोगों को इस सामाजिक अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी चलाया जाए जागरूकता अभियान
समाजसेवी किशोर कुमार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आयोजित इस रक्तदान शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर रक्तदान जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अक्सर रक्त की कमी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया कि गांव-गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को रक्तदान के महत्व से अवगत कराया जाए ताकि जरूरत के समय पर्याप्त रक्त उपलब्ध हो सके।
जागरूकता अभियान का दिखा सकारात्मक असर
रक्तदान शिविर की सफलता में बीटीटी प्रशिक्षक आशीष गुप्ता और समाजसेवी अमरेंद्र कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अमरेंद्र कुमार, जो जिला विधिक सेवा प्राधिकार से जुड़े पीएलवी भी हैं, उन्होंने शिविर से पूर्व विभिन्न गांवों और क्षेत्रों में जाकर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया था। उनके प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने शिविर में भाग लिया और स्वेच्छा से रक्तदान किया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा।

बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी और गणमान्य लोग रहे मौजूद
रक्तदान शिविर में चिकित्सक डॉ. गोरखनाथ पांडेय, डॉ. सोनम प्रिय, डॉ. सुषमा कुमारी, डॉ. उत्कर्ष मिश्रा, डॉ. भानु, डॉ. शाहिद खान, डॉ. रानी खान सहित कई चिकित्सकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा लैब टेक्नीशियन दया कुमार, प्रदीप कुमार, रामजीत राम, खालिद अनवर, एएनएम, जीएनएम, स्वास्थ्यकर्मी तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
रक्तदान को बनाएं जन आंदोलन
विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटनाओं, प्रसव, सर्जरी, थैलेसीमिया, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता बेहद आवश्यक होती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान को जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है।रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित यह रक्तदान शिविर न केवल रक्त संग्रह के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि लोगों में सामाजिक जिम्मेदारी और मानव सेवा की भावना को भी मजबूत करने वाला साबित हुआ।






