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दो साल बाद जेल से बाहर आएंगे पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री, आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

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टेंडर कमीशन घोटाले में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम गए थे जेल

पीए और नौकर के घर से मिला था भारी कैश

ED की कार्रवाई के बाद हुए थे गिरफ्तार

नई दिल्ली/रांची: आलमगीर आलम को टेंडर कमीशन घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री को जमानत दे दी है, जिसके बाद वे करीब दो साल बाद जेल से बाहर आएंगे।

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने दी राहत
मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एम.एम. सुंदरेश्वर और जस्टिस एन. कोटीश्वर सिंह की बेंच में हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने आलमगीर आलम की जमानत याचिका मंजूर कर ली।

ED की कार्रवाई के बाद हुए थे गिरफ्तार
आलमगीर आलम को कथित टेंडर कमीशन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किया गया था। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब ईडी की छापेमारी के दौरान उनके निजी सचिव और नौकर से जुड़े ठिकानों से करोड़ों रुपये नकद बरामद किए गए थे।

पीए और नौकर के घर से मिला था भारी कैश
जांच एजेंसियों के अनुसार छापेमारी में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी, जिसे कथित तौर पर कमीशन और अवैध लेन-देन से जुड़ा बताया गया। मामले के सामने आने के बाद झारखंड की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया था।

Former minister Alamgir Alam
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राजनीतिक गलियारों में फिर तेज हुई चर्चा
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष पहले से ही इस मामले को भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बताता रहा है, जबकि कांग्रेस और समर्थक इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताते रहे हैं।

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जमानत का मतलब दोषमुक्ति नहीं
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं होता कि आरोपी दोषमुक्त हो गया है। मामले की सुनवाई और जांच प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और अंतिम फैसला अदालत द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।

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झारखंड राजनीति का चर्चित मामला
टेंडर कमीशन घोटाला झारखंड की राजनीति के सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा है। इस केस के कारण राज्य सरकार और विपक्ष के बीच लंबे समय तक राजनीतिक टकराव देखने को मिला।

क्या है टेंडर कमीशन घोटाला?
जांच एजेंसियों के अनुसार ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े टेंडरों में कथित कमीशन वसूली और अवैध वित्तीय लेन-देन की शिकायतों के आधार पर जांच शुरू हुई थी। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से भी मामले की जांच की थी।

आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आलमगीर आलम जेल से बाहर आएंगे, लेकिन उन्हें अदालत द्वारा तय शर्तों का पालन करना होगा। मामले में ट्रायल और जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी।

पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत ने झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। अब सबकी नजर इस बहुचर्चित टेंडर कमीशन घोटाले की आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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