वाराणसी में 30 लाख के इनामी TPC सुप्रीमो बृजेश गंझू ढेर, यूपी ATS से मुठभेड़
कौन था बृजेश गंझू?
चतरा/वाराणसी: झारखंड के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन TPC (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के कथित सुप्रीमो और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की तलाश में रहे बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को उत्तर प्रदेश ATS ने वाराणसी में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। मुठभेड़ रविवार सुबह करीब पांच बजे रामनगर थाना क्षेत्र के टेंगरा मोड़ स्थित लंका मैदान के पास हुई। उस पर झारखंड सरकार और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। बृजेश गंझू झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के लूटू गांव का रहने वाला बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार वह झारखंड में सक्रिय TPC के शीर्ष कमांडरों में शामिल था और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे। NIA भी उससे जुड़े टेरर फंडिंग मामले में उसकी तलाश कर रही थी।
30 लाख रुपये का था इनाम
बृजेश गंझू पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये, जबकि NIA ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इस तरह उस पर कुल इनाम राशि 30 लाख रुपये थी। NIA ने वर्ष 2022 में भी उसकी तलाश के संबंध में इनाम घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उसका नाम चतरा के टंडवा इलाके से जुड़े कथित टेरर फंडिंग मामलों सहित कई आपराधिक मामलों में सामने आया था। NIA की जांच में उससे जुड़े संगठन और वित्तीय नेटवर्क को लेकर भी कार्रवाई की गई थी।

गुप्त सूचना पर ATS ने की घेराबंदी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश ATS को सूचना मिली थी कि बृजेश गंझू वाराणसी के रामनगर इलाके से होकर मुगलसराय की ओर जाने वाला है। सूचना के आधार पर ATS की टीम ने रविवार तड़के इलाके में घेराबंदी की। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब सुबह पांच बजे बाइक से एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखाई दिया। ATS टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान बाइक सवार ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में बृजेश गंझू को गोली लगी। वह घायल होकर सड़क पर गिर गया। ATS टीम उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ATS अधिकारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली
मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम पर भी गोली चलाए जाने की बात सामने आई है। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, फायरिंग में ATS के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी। बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण दोनों पुलिसकर्मियों को गंभीर चोट से बचाव हुआ। एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती जानकारी में उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है।
झारखंड से वाराणसी तक फैली थी तलाश
बृजेश गंझू झारखंड की सुरक्षा एजेंसियों के लिए लंबे समय से वांछित था। चतरा और पलामू प्रमंडल में TPC की गतिविधियों से उसका नाम जुड़ा रहा है। NIA ने भी उसके खिलाफ कार्रवाई की थी और उसकी संपत्तियों को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी। जुलाई 2026 में चतरा पुलिस ने TSPC के वांछित उग्रवादी नरेश गंझू को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई के बाद भी पुलिस की नजर संगठन के शीर्ष कमांडर बृजेश गंझू पर बनी हुई थी।

चतरा में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
वाराणसी में बृजेश गंझू के मारे जाने की सूचना के बाद झारखंड की सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। उसके खिलाफ दर्ज मामलों, संगठन से जुड़े नेटवर्क और उसके संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच सकती हैं कि वह वाराणसी में कितने समय से रह रहा था, वहां उसका संपर्क किन लोगों से था और झारखंड से बाहर उसके नेटवर्क की गतिविधियां कितनी व्यापक थीं। फिलहाल उत्तर प्रदेश ATS और स्थानीय पुलिस की ओर से घटनास्थल पर जांच और तलाशी की कार्रवाई जारी है। मुठभेड़ के पूरे घटनाक्रम, बरामद हथियार और बृजेश गंझू की वाराणसी में मौजूदगी से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है।
कौन था बृजेश गंझू?
- नाम: बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता
- निवासी: लूटू गांव, लावालौंग थाना क्षेत्र, चतरा
- संगठन: प्रतिबंधित TPC
- इनाम: कुल 30 लाख रुपये
- झारखंड सरकार का इनाम: 25 लाख रुपये
- NIA का इनाम: 5 लाख रुपये
- कार्रवाई: यूपी ATS के साथ वाराणसी के रामनगर में मुठभेड़
- समय: रविवार सुबह करीब 5 बजे
- वाराणसी में 30 लाख के इनामी TPC सुप्रीमो बृजेश गंझू ढेर, यूपी ATS से मुठभेड़कौन था बृजेश गंझू? चतरा/वाराणसी: झारखंड के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन TPC (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के कथित सुप्रीमो और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की तलाश में रहे बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को उत्तर प्रदेश ATS ने वाराणसी में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। मुठभेड़ रविवार सुबह करीब पांच बजे रामनगर थाना क्षेत्र…
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