रिम्स शासी परिषद का फैसला—मौत पर तुरंत 5 हजार की सहायता राशि
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में स्थित रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) की शासी परिषद की बैठक में गुरुवार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सबसे अहम फैसला यह रहा कि अब अस्पताल में इलाज के दौरान किसी भी मरीज की मृत्यु होने पर परिजनों को तत्काल 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह मदद मौके पर ही दी जाएगी, ताकि शोकाकुल परिवार को तुरंत राहत मिल सके।
स्वास्थ्य मंत्री सह जीबी के चेयरमैन इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में निर्णय लिया गया कि यह राहत राशि सभी वर्गों के मरीजों के परिजनों को दी जाएगी। चाहे मरीज किसी भी आर्थिक पृष्ठभूमि से हो, अगर उसकी मृत्यु इलाज के दौरान होती है तो परिजन 5000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त कर सकेंगे।
पांच नए मोक्ष वाहन खरीदने का निर्णय
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 5 नए मोक्ष वाहन खरीदे जाएंगे। इन वाहनों का उपयोग मृतक मरीजों के पार्थिव शरीर को उनके घरों तक पहुंचाने में किया जाएगा। परिषद का कहना है कि कई बार गरीब परिवार शव को घर तक ले जाने में सक्षम नहीं होते, ऐसे में यह वाहन बड़ी मदद साबित होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा— सरकार का मानवीय निर्णय
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बैठक के बाद कहा, “यह झारखंड सरकार का मानवीय फैसला है। हम मृतकों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता देकर उनके दुख की घड़ी में साथ खड़े रहना चाहते हैं।”
उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सहायता राशि मौके पर ही दी जाए। इस व्यवस्था से किसी प्रकार की देरी नहीं होगी और परिजनों को राहत मिलेगी।
त्योहार को देखते हुए ANM–GNM की सैलरी बढ़ी
बैठक में एक अन्य अहम निर्णय यह भी लिया गया कि त्योहारों के मद्देनजर ANM और GNM नर्सों की सैलरी में वृद्धि की जाएगी। परिषद ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ अस्पताल की रीढ़ की हड्डी है और उनके समर्पण को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
अगली बैठक की तिथि भी तय
शासी परिषद ने बताया कि अगली बैठक 12 नवंबर को होगी, जिसमें अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार के लिए कई प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।






