हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद जमशेदपुर के 6 थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू, धरना-जुलूस और 5 से अधिक लोगों के जुटने पर रोक
जमशेदपुर: करणी सेना युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह की हत्या के बाद जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। शहर में तनावपूर्ण माहौल और शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए धालभूम अनुमंडल दंडाधिकारी अर्नव मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत शहर के छह थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश 1 जुलाई 2026 से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
हिमांशु सिंह की हत्या के बाद बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन बार के बाहर हुई चाकूबाजी में करणी सेना युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि दूसरे घायल प्रत्युष का इलाज कोलकाता में चल रहा है। घटना के बाद शहर में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में हुई इस वारदात को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। इसी बीच पुलिस और प्रशासन को विभिन्न संगठनों द्वारा धरना, प्रदर्शन और सड़क जाम की तैयारी की सूचना मिली।
इन छह थाना क्षेत्रों में लागू हुई धारा 163
प्रशासन ने संभावित तनाव को देखते हुए निम्न थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू की है—
- बिष्टुपुर
- साकची
- सोनारी
- कदमा
- एमजीएम
- मानगो
इन सभी क्षेत्रों में अगले आदेश तक विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे।
प्रशासन ने क्यों लिया फैसला?
धालभूम अनुमंडल प्रशासन को खुफिया एजेंसियों और अन्य स्रोतों से जानकारी मिली थी कि हिमांशु सिंह हत्याकांड के विरोध में विभिन्न संगठन धरना, जुलूस, पुतला दहन और रोड जाम जैसे कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। इससे शहर की शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। इसी को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।
क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित?
जारी आदेश के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में—
- किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, घेराव और जनसभा आयोजित नहीं की जा सकेगी।
- बिना अनुमति जुलूस निकालने और पुतला दहन पर पूरी तरह रोक रहेगी।
- पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा।
- रोड जाम, नारेबाजी और शांति भंग करने वाली गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।
- बिना प्रशासनिक अनुमति लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
- लाठी, डंडा, तलवार, तीर-धनुष, भाला, गड़ासा या किसी भी प्रकार के हथियार लेकर सार्वजनिक स्थानों पर निकलना प्रतिबंधित रहेगा।
किन लोगों को मिलेगी छूट?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों पर लागू नहीं होगा। इनमें—
- ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारी
- पुलिस अधिकारी एवं जवान
- चिकित्साकर्मी
- एंबुलेंस सेवाएं
- मीडिया कर्मी
- अन्य आवश्यक सरकारी सेवाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं।
एकपक्षीय आदेश जारी
प्रशासन ने बताया कि स्थिति की गंभीरता और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता को देखते हुए यह आदेश एकपक्षीय (Ex-Parte) रूप से जारी किया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने, सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश साझा नहीं करने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

पुलिस लगातार कर रही निगरानी
जमशेदपुर पुलिस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद जमशेदपुर में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने बिष्टुपुर, साकची, सोनारी, कदमा, एमजीएम और मानगो थाना क्षेत्रों में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अगले आदेश तक इन इलाकों में धरना, जुलूस, रोड जाम, पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने और बिना अनुमति लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।






