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झारखंड में हेल्थ सिस्टम अपग्रेड: 237 नई एंबुलेंस, AI से होगी मॉनिटरिंग

Jharkhand ambulance AI service

पुरानी 206 एंबुलेंस की मरम्मत भी होगी, 5 साल तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी एजेंसी पर

रांची: राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 237 नई एंबुलेंस खरीदने का फैसला लिया है। इसके साथ ही मौजूदा बेड़े में शामिल 206 पुरानी एंबुलेंस की मरम्मत के लिए भी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस फैसले का उद्देश्य मरीजों की रेफरल प्रणाली को अधिक प्रभावी, तेज और पारदर्शी बनाना है, ताकि जरूरतमंदों तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचाई जा सके।

नई एंबुलेंस से मजबूत होगा नेटवर्क
राज्य में पहले से संचालित एंबुलेंस सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए यह पहल की गई है। 237 नई एंबुलेंस जुड़ने से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में। इससे मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में लगने वाला समय कम होगा और आपात स्थिति में बेहतर रिस्पॉन्स मिल सकेगा।

206 पुरानी एंबुलेंस की होगी मरम्मत
सरकार ने सिर्फ नई एंबुलेंस खरीदने तक ही सीमित न रहकर पुरानी एंबुलेंस को भी दुरुस्त करने का फैसला लिया है। इसके तहत 206 एंबुलेंस की मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया गया है। चयनित एजेंसी को इन वाहनों की मरम्मत के साथ-साथ अगले पांच वर्षों तक उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।

प्रदर्शन आधारित अनुबंध
इस योजना की खास बात यह है कि एजेंसी का अनुबंध उसके प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। अगर एजेंसी समय पर तकनीकी खराबियों को दूर करने और सेवाओं को सुचारू रखने में सफल रहती है, तभी उसे आगे काम करने का मौका मिलेगा। इससे जवाबदेही और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित होंगे।

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AI से लैस होगी 108 एंबुलेंस सेवा
स्वास्थ्य विभाग अब 108 एंबुलेंस सेवा को तकनीकी रूप से और आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सॉफ्टवेयर लागू करने की योजना बनाई जा रही है। इस सिस्टम के जरिए सभी एंबुलेंस की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।

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रिस्पॉन्स टाइम होगा कम
AI तकनीक लागू होने के बाद एंबुलेंस की लोकेशन और उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। इससे मरीजों को एंबुलेंस मिलने में लगने वाला समय कम होगा और आपातकालीन सेवाएं ज्यादा तेज और सटीक बनेंगी।

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फर्जीवाड़े पर भी लगेगी लगाम
नई तकनीक के जरिए एंबुलेंस संचालन में होने वाली गड़बड़ियों और संभावित फर्जीवाड़े पर भी नजर रखी जा सकेगी। सरकार का लक्ष्य है कि पूरे सिस्टम को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता को रोका जा सके।

झारखंड सरकार का यह कदम राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। नई एंबुलेंस, पुरानी गाड़ियों की मरम्मत और AI तकनीक के उपयोग से आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी और भरोसेमंद बनने की उम्मीद है।

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