बहरागोड़ा में फिर मिला 227 किलो का जिंदा बम, सेना अलर्ट
स्वर्णरेखा नदी किनारे बरामद संदिग्ध विस्फोटक, इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घाटशिला : घाटशिला अनुमंडल के अंतर्गत बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में एक बार फिर संदिग्ध जिंदा बम मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। यह बम स्वर्णरेखा नदी के किनारे पानीपड़ा नागुड़साई गांव के पास मिला है, जिससे ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है।
227 किलो का जिंदा बम होने की आशंका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने पिछले तीन दिनों से नदी किनारे एक भारी धातु जैसी वस्तु देखी थी। संदेह होने पर इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना की विशेष टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सेना टीम का नेतृत्व कर रहे कैप्टन आयुष कुमार सिंह ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि यह वस्तु करीब 227 किलोग्राम का जिंदा बम प्रतीत हो रही है और इसमें अभी भी विस्फोट की संभावना बनी हुई है।
अभी भी विस्फोट का खतरा
सेना अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल बम के प्रकार, उसकी स्थिति और मारक क्षमता का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट सैन्य मुख्यालय को भेजी जाएगी, जिसके बाद निर्देश मिलने पर इसे निष्क्रिय (डिफ्यूज) करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि, इसे कब तक निष्क्रिय किया जाएगा, इसको लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों में भय का माहौल
इस घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों को उस स्थान से दूर रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।
पहले भी मिल चुके हैं बम
गौरतलब है कि इससे पहले 17 मार्च को भी इसी क्षेत्र में दो बम बरामद हुए थे, जिन्हें सेना की टीम ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया था। उस समय सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बम को बालू की बोरियों से ढककर डिफ्यूज किया गया था।
द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़ा होने की आशंका
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यह बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय का हो सकता है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी। बहरागोड़ा में बार-बार बम मिलने की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। फिलहाल प्रशासन और सेना की टीम पूरी सतर्कता के साथ जांच में जुटी है और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।






