उपायुक्त ने झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, दुलमी का किया निरीक्षण—भोजन, शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा
रामगढ़: झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, दुलमी में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यक्रम के तहत उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालय में रह रही छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, शिक्षा व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता तथा सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।
उपायुक्त अपने दल के साथ विद्यालय परिसर पहुंचे, जहां विद्यालय प्रबंधन और जिला शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। निरीक्षण की शुरुआत आवासीय परिसर एवं भोजनालय से हुई, जहां उपायुक्त ने सबसे पहले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की। उन्होंने विद्यार्थियों को परोसे जा रहे भोजन के स्वाद, मात्रा और पोषण स्तर का अनुभव लेने के लिए स्वयं भोजन का निरीक्षण किया। उन्होंने रसोईघर, खाद्य सामग्री के भंडारण कक्ष और भोजन बनाने में प्रयुक्त उपकरणों की साफ-सफाई की भी बारीकी से जांच की।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि भोजन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि “रहने और पढ़ने वाली बच्चियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पोषक भोजन मिलना उनकी शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।”
छात्राओं से सीधा संवाद—सुविधाओं और समस्याओं की जमीनी जानकारी
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने छात्राओं से बिना किसी औपचारिकता के सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चियों से पूछा कि उन्हें शिक्षा, भोजन, स्वास्थ्य, खेल-कूद और सुरक्षा से संबंधित कौन-कौन सी सुविधाएं नियमित रूप से मिल रही हैं। कई छात्राओं ने विद्यालय की सुविधाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, वहीं कुछ ने खेल सामग्री और इंटरनेट सुविधा में सुधार की आवश्यकता बताई।
उपायुक्त ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन बालिकाओं की हर जरूरत और समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह तत्पर है। उन्होंने कहा कि छात्राओं का स्वास्थ्य, सुरक्षा और शिक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और कक्षाओं का व्यापक निरीक्षण
इसके बाद उपायुक्त ने विद्यालय की कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और कक्षाओं का निरीक्षण किया। कंप्यूटर लैब में उपकरणों की कार्यशीलता, इंटरनेट की उपलब्धता और डिजिटल शिक्षण सामग्री की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली गई। लाइब्रेरी में मौजूद पुस्तकों की संख्या, विषयवार उपलब्धता और बच्चियों द्वारा उनके उपयोग की आवृत्ति के बारे में भी जानकारी ली। कक्षाओं की साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश/पंखों जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि आधुनिक तकनीक और समृद्ध पुस्तकालय बालिकाओं के सीखने की प्रक्रिया को मजबूत बनाते हैं, इसलिए इनके रख-रखाव और निरंतर सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए।
रचनात्मक गतिविधियों और खेल-कूद को प्रोत्साहित करने के निर्देश
उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि छात्राओं के संपूर्ण विकास के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि खेल-कूद, रचनात्मक गतिविधियों, कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “बालिकाओं में छिपी प्रतिभा को विकसित करने के लिए खेल, कला और तकनीकी कौशल जरूरी है। ये गतिविधियां आत्मविश्वास बढ़ाती हैं और उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करती हैं।”

स्वच्छता, सुरक्षा और रख-रखाव पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय परिसर की स्वच्छता व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और छात्रावास की व्यवस्था की गंभीरता से जांच की। उन्होंने प्रबंधन को निर्देश दिया कि रात की सुरक्षा, सीसीटीवी कवरेज, महिला कर्मियों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों में बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जिला प्रशासन इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग करेगा।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमारी नीलम, प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार, अंचल अधिकारी किशोरी यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।








