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कोलियरी मोड़ पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 910 पेटी विदेशी शराब बरामद — एक तस्कर गिरफ्तार

Palamu Illegal Liquor Seizure

पलामू में 90 लाख की अवैध शराब जब्त, MP से हो रही थी तस्करी

पलामू: झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। मध्य प्रदेश के सतना से लाई गई 90 लाख रुपये की प्रतिबंधित विदेशी शराब को पुलिस ने पड़वा थाना क्षेत्र के कोलियरी मोड़ के पास एक ट्रक से बरामद किया है।

पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि इस पूरे नेटवर्क में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि शराब को सिलीगुड़ी भेजा जा रहा था, लेकिन पुलिस को संदेह है कि अंतिम गंतव्य बिहार हो सकता था, जहां पूर्ण शराबबंदी लागू है।

गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने लगाया नाका — बड़े ट्रक से बरामद हुई शराब की खेप
पलामू पुलिस को बीते दिनों सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से भारी मात्रा में शराब की तस्करी झारखंड के रास्ते की जा रही है।सूचना के आधार पर पड़वा थाना प्रभारी अंकित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया।

चेकिंग के दौरान कोलियरी मोड़ के पास एक संदिग्ध ट्रक को रोका गया। पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद जब ट्रक की तलाशी ली गई तो वाहन के अंदर से 910 पेटी विदेशी शराब मिली। बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये बताई जा रही है।

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गिरफ्तार तस्कर की पहचान — राजस्थान का रहने वाला देदाराम
पुलिस ने मौके से ट्रक चालक देदाराम (निवासी: रामनगर, राजस्थान) को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में उसने बताया है कि:

  • शराब की खेप मध्य प्रदेश के सतना से भरी गई थी
  • ट्रक को सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) ले जाना था
  • गाड़ी में शराब से जुड़े कोई वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे
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हालांकि पुलिस को उसके बयान पर पूरी तरह भरोसा नहीं है। अधिकारियों का मानना है कि शराब की यह खेप बिहार में खपाने के उद्देश्य से लाई गई थी, क्योंकि वहां लंबे समय से शराबबंदी लागू है और अवैध शराब का रैकेट सक्रिय है।

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“कागजात नहीं, बयान संदिग्ध” — पुलिस की गहन जांच जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ट्रक में मिले किसी भी कार्टन पर टैक्स, बारकोड या ट्रांसपोर्ट स्लिप नहीं थी।
थाना प्रभारी अंकित कुमार ने कहा —

“गिरफ्तार आरोपी ने जो जानकारी दी है, वह संदिग्ध लग रही है। इतने बड़े खेप का सिलीगुड़ी भेजा जाना संभव है, लेकिन कागजातों की अनुपस्थिति और रूट देखकर आशंका है कि यह शराब बिहार में खपाई जानी थी।”

पुलिस अब तस्करी रैकेट की बड़ी कड़ियों की तलाश में जुटी है।
जांच के दायरे में—

  • ट्रक मालिक
  • सप्लाई नेटवर्क
  • फर्जी बिलिंग
  • मध्य प्रदेश और बिहार के लिंक

सभी को शामिल किया गया है।

बिहार कनेक्शन सबसे मजबूत — पुलिस को तस्करी पैटर्न पर शक
पिछले कुछ महीनों में झारखंड पुलिस ने कई बार बिहार-झारखंड सीमा के पास अवैध शराब पकड़ी है।
बिहार में सख्त शराबबंदी लागू होने के कारण तस्कर—

  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • उत्तर प्रदेश

से शराब लाकर झारखंड के रास्ते बिहार में खपाने की कोशिश करते हैं। यह खेप भी उसी पैटर्न पर लाई गई प्रतीत होती है।

कई अधिकारियों की टीम रही शामिल
इस अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क को पकड़ने में पड़वा थाना की टीम ने अहम भूमिका निभाई। छापेमारी में शामिल अधिकारी:

  • थाना प्रभारी अंकित कुमार
  • सब इंस्पेक्टर राजू कुमार गुप्ता
  • पुलिस बल की एक विशेष टीम

सभी ने रिस्क लेते हुए देर रात तक सर्च अभियान चलाया और बड़ी सफलता हासिल की।

तस्कर के नेटवर्क पर पुलिस की नजर, जल्द होंगी और बड़ी गिरफ्तारियां
पुलिस ने आरोपी से मिले मोबाइल से कई महत्वपूर्ण कॉल डिटेल्स निकाली हैं। इन कॉल लॉग के आधार पर पुलिस अन्य राज्यों में सक्रिय तस्कर गिरोहों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

जांच टीम का मानना है कि यह 100 करोड़ से अधिक की वार्षिक तस्करी वाली चेन हो सकती है।

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