रांची अरगोड़ा बार में किन्नरों से मारपीट के बाद उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, बार सील
बार में किन्नरों और ग्राहकों की झड़प से मचा हंगामा
रांची : रांची के अरगोड़ा चौक के पास स्थित एक बार में देर रात डांस कार्यक्रम के दौरान किन्नरों और कुछ नशे में धुत ग्राहकों के बीच विवाद अचानक मारपीट में बदल गया। झड़प बढ़ने पर किन्नरों का समूह बार से बाहर आ गया और सड़क पर उतरकर हंगामा करने लगा, जिससे इलाके में अफरा–तफरी मच गई। मामला बिगड़ने पर अरगोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन शुरुआती दौर में स्थिति काबू में नहीं आई।
उत्पाद विभाग की जांच में सामने आईं कई अनियमितताएँ
रविवार शाम घटना की जानकारी मिलते ही उत्पाद विभाग की टीम बार पहुंची और पूरे परिसर की विस्तृत जांच की। टीम ने बार का निरीक्षण करने के साथ–साथ CCTV फुटेज भी खंगाला। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बार प्रबंधन किन्नरों से न सिर्फ डांस करवाता था बल्कि ग्राहकों को शराब परोसने के लिए भी उनका उपयोग करता था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इन गतिविधियों के लिए कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी।
बार को किया गया सील, संचालक को नोटिस जारी
जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होते ही उत्पाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बार को सील कर दिया। साथ ही बार संचालक वीरेन साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में पूछा गया है—
- क्या किन्नरों से डांस कराने की अनुमति ली गई थी?
- बार में फैली अव्यवस्था और झड़प के लिए कौन जिम्मेदार है?
संचालक को तीन दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
जांच टीम में उत्पाद निरीक्षक संजय कुमार, रजनीश कुमार, प्रकाश मिश्रा, पंकज कुमार, श्वेता कुमारी समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। टीम ने अपनी पूरी रिपोर्ट विभाग मुख्यालय को सौंप दी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
सड़क पर उतरे किन्नर, पुलिस से भी हुई नोक–झोंक
झड़प बढ़ने के बाद आक्रोशित किन्नरों ने बार परिसर के बाहर सड़क जाम कर दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। जब पुलिस ने उन्हें सड़क से हटाने की कोशिश की तो वे पुलिस टीम से उलझ गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को कुछ देर के लिए पीछे हटना पड़ा। बाद में अधिकारियों के आश्वासन और कार्रवाई की बात कहने पर किन्नर शांत हुए और सड़क खाली कराई गई।
बार संचालन पर उठे सवाल, आगे होगी कड़ी कार्रवाई
इस घटना ने रांची में बार संचालन की स्थितियों और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उत्पाद विभाग का कहना है कि—
- लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन
- अवैध डांस प्रोग्राम
- अनधिकृत कर्मियों के जरिए शराब परोसना
- और व्यवस्थित प्रबंधन की कमी
गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं। विभाग ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।








