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रांची में भारत–दक्षिण अफ्रीका वनडे से पहले टिकट घोटाले ने बढ़ाई हलचल

Ticket Scam

साइबर ठगों से लेकर कालाबाजारी तक ने बिगाड़ी तस्वीर

रांची: रांची में आज होने वाले भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच को लेकर जहां पूरे शहर में क्रिकेट fever चरम पर है, वहीं टिकट की भारी कालाबाजारी और साइबर ठगी ने पूरे आयोजन पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। हजारों दर्शक टिकट पाने की कोशिश में लाइनें तोड़ते नजर आए, लेकिन एक बड़ी संख्या निराश लौटी। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर टिकट माफिया और साइबर अपराधियों ने जमकर ठगी की, जिसके चलते रांची की छवि पर एक बार फिर बदनामी का दाग लग गया है।

दर्शकों में रोमांच, लेकिन टिकट ने किया निराश — ठगों की चांदी
भारत–दक्षिण अफ्रीका वनडे को लेकर शुरू से ही राजधानी में अप्रत्याशित उत्साह देखने को मिला। ऑनलाइन टिकट शुरू होने के चंद सेकेंड के भीतर ही “Sold Out” दिखने लगा। इसके बाद ऑफलाइन टिकट काउंटर पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लेकिन काउंटर को अचानक तय समय से पहले बंद कर दिया गया, जिससे दर्शकों में गहरा आक्रोश फैल गया।

उधर टिकट की मांग और उपलब्धता में भारी असंतुलन होने का सीधा फायदा साइबर अपराधियों और दलालों ने उठाया। कई लोगों ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर फर्जी ID के जरिए टिकट बेचने की पेशकश की। इससे अनजान कई क्रिकेट प्रेमी ठगी का शिकार हो गए।

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साइबर ठगी का बड़ा जाल — पैसे गए, टिकट नहीं मिला
रांची साइबर थाना में ऐसे कई मामलों की शिकायतें दर्ज हुई हैं। इन्हीं पीड़ितों में से एक हैं रांची निवासी प्रणव कुमार दत्ता। प्रणव ने बताया कि वे दो दिन तक स्टेडियम जाकर लाइन में खड़े हुए, लेकिन टिकट नहीं मिला। टिकट पाने की चाहत में वे सोशल मीडिया पर उपलब्ध नंबरों पर संपर्क करने लगे। यहीं से साइबर गिरोह ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।

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प्रणव ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए हजारों रुपये भेज दिए, लेकिन उसके बाद न टिकट मिला, न पैसा वापस आया। जब उन्होंने टिकट के लिए दोबारा कॉल किया, तो ठगों ने उनसे और पैसे की मांग कर डाली। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, ऐसे दर्जनों लोग हैं जिन्हें टिकट बेचने के नाम पर लुटा गया है, लेकिन कई लोग थाने तक पहुंच ही नहीं पाए।

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पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने उठाए गंभीर सवाल
टिकट प्रबंधन की अव्यवस्था ने राज्य की राजनीति को भी गर्म कर दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने सोशल मीडिया पर प्रश्न पूछा—
“ऑनलाइन टिकट कुछ सेकेंड में कैसे खत्म हो गए? ऑफलाइन काउंटर एक दिन पहले क्यों बंद किया गया? टिकटों की कालाबाजारी कैसे हो रही है?”

उन्होंने कहा कि रांची जैसे शहर में अंतरराष्ट्रीय मैच होना गर्व की बात है, लेकिन दर्शकों के साथ अन्याय हुआ है। उनके अनुसार, जब टिकट सिस्टम में पारदर्शिता नहीं होगी, तब ऐसे घोटाले सामने आएंगे ही। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी JSCA प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि टिकट वितरण व्यवस्था पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने टिकट माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

टिकट कालाबाजारी पर पुलिस ने की कार्रवाई, तीन गिरफ्तार — सात फरार
रांची पुलिस ने टिकट काला बाजारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए JSCA स्टेडियम के पास समाग्रह रेस्टोरेंट में छापेमारी की।पुलिस ने तीन लोगों — अरविंद सिंह, प्रियांशु राज और सुधीर कुमार — को गिरफ्तार किया है, जबकि सात आरोपियों पर FIR दर्ज की गई है।

गिरफ्तार लोगों के पास से 1700 रुपए का टिकट 4500 में, 2000 का टिकट 8000 में और 1200 का टिकट 3000 में बेचते हुए पकड़ा गया। उनके पास से टिकट, स्कूटी और मोबाइल जब्त किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि टिकट खरीदने के लिए मजदूरों और कुलियों को लाइन में लगाया जाता था और बाद में उन्हें काले बाजार में बेचा जाता था।

क्रिकेट रोमांच के बीच रांची की प्रतिष्ठा पर दाग
एक ओर जहां मैच को लेकर रांची पूरी तरह सजे हुए है, वहीं टिकट घोटाला शहर की प्रतिष्ठा पर गहरा धब्बा बन गया है।
दर्शक नाराज हैं, सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, और कई सवालों का जवाब JSCA पर बकाया है—

  • टिकट इतनी जल्दी कैसे खत्म हुए?
  • क्या सिस्टम में पहले से छेड़छाड़ की गई?
  • कालाबाजारी रोकने के लिए क्या व्यवस्था की गई थी?

उधर पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि टिकट घोटाले में शामिल हर व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी और साइबर ठगी गिरोहों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।

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