नोएडा हिंसा का मास्टरमाइंड हजारीबाग निवासी, NIT जमशेदपुर का पूर्व छात्र, पाकिस्तान कनेक्शन का खुलासा
सोशल मीडिया से भड़काई गई भीड़
रासुका लगाने की तैयारी, फरार आरोपी की तलाश तेज
मुनादी लाइव : नोएडा के गौतमबुद्ध नगर में 13 अप्रैल को हुई हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि इस हिंसा का मास्टरमाइंड NIT जमशेदपुर का पूर्व बीटेक छात्र आदित्य आनंद है, जो मूल रूप से हजारीबाग का रहने वाला बताया जा रहा है। इस पूरे मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब जांच में पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आया। पुलिस के मुताबिक, हिंसा को भड़काने में पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया अकाउंट्स की अहम भूमिका रही।
सुनियोजित साजिश, अचानक नहीं था प्रदर्शन
पुलिस जांच में साफ हुआ है कि यह हिंसा अचानक नहीं हुई, बल्कि पूरी तरह से योजनाबद्ध थी। आरोपी आदित्य आनंद 31 मार्च और 1 अप्रैल को नोएडा पहुंचा था, जहां उसने औद्योगिक क्षेत्रों—खासतौर पर सेक्टर-14—में रेकी की। इसके बाद मजदूरों को जोड़ने के लिए “मजदूर बिगुल दस्ता” नाम से नेटवर्क तैयार किया गया।
व्हाट्सएप ग्रुप और QR कोड से जुटाई भीड़
जांच में खुलासा हुआ है कि 9 और 10 अप्रैल को क्यूआर कोड के जरिए तीन बड़े व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए, जिनमें प्रत्येक में करीब 800 सदस्य जोड़े गए। इन ग्रुप्स के माध्यम से भड़काऊ संदेश फैलाए गए, जिससे मजदूरों को उकसाया गया और प्रदर्शन धीरे-धीरे हिंसक रूप ले बैठा।
पाकिस्तान से चला प्रोपेगेंडा
पुलिस के अनुसार, हिंसा के दौरान “अनुषी तिवारी” और “मीर इलियास” नाम के दो एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट्स से लगातार फर्जी खबरें फैलाई जा रही थीं। जांच में इन अकाउंट्स के आईपी एड्रेस और वीपीएन पाकिस्तान से जुड़े पाए गए हैं। इन अकाउंट्स के जरिए 20 लोगों की मौत और 99 लोगों के घायल होने जैसी झूठी खबरें फैलाई गईं, जिससे माहौल और भड़क गया। इस पूरे मामले की जांच अब एटीएस द्वारा भी की जा रही है, जो इसे देश की आंतरिक सुरक्षा से जोड़कर देख रही है।
गिरफ्तारी और कार्रवाई
अब तक पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों—रूपेश रॉय और मनीषा चौहान—को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हालांकि मुख्य आरोपी आदित्य आनंद अभी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। लक्ष्मी सिंह ने बताया कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रासुका और आर्थिक कार्रवाई की तैयारी
पुलिस इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करने और आर्थिक गतिविधियों की जांच भी की जा रही है।
पहचान छिपाने की कोशिश
जांच में यह भी सामने आया है कि जब पुलिस ने आदित्य के साथियों को गिरफ्तार किया, तो उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए बाल कटवा लिए और अगले दिन फिर प्रदर्शन में शामिल हो गया। इससे साफ है कि वह लगातार पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था।
हिंसा की पूरी तस्वीर
नोएडा के फेज-2 (होजियरी कॉम्प्लेक्स) में हुए इस प्रदर्शन के दौरान जमकर पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और वाहनों में आगजनी की गई। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित हिंसा थी, जिसमें सोशल मीडिया और डिजिटल नेटवर्क का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया।
नोएडा हिंसा का यह मामला केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि साइबर प्रोपेगेंडा और बाहरी हस्तक्षेप से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब सबकी नजर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और इस पूरे नेटवर्क के पर्दाफाश पर टिकी है।








