झारखंड विधानसभा: मानसून सत्र में जोरदार हंगामा, कार्यवाही स्थगित

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रांची : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र आज सोमवार को जैसे ही शुरू हुआ, वैसे ही पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा देखने को मिला। विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो ने बार-बार विपक्ष को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन सदन का माहौल सामान्य नहीं हो पाया। विपक्ष के सदस्य लगातार शोर-शराबा करते रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। हालात बिगड़ते देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12:30 बजे तक स्थगित कर दी।

सदन में विपक्ष का आक्रामक तेवर
जैसे ही सदन की कार्यवाही आरंभ हुई, विपक्षी विधायकों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्ष की मुख्य मांग सूर्या हांसदा मामले की सीबीआई जांच थी। भाजपा और आजसू पार्टी के विधायक लगातार सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाते रहे। विपक्षी विधायकों का कहना था कि इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच सिर्फ सीबीआई से ही संभव है।

विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार संवेदनशील मामलों पर आंख मूंदकर बैठी है। विधायक लगातार आसन से उठकर नारेबाजी कर रहे थे। अध्यक्ष महतो ने कई बार उन्हें शांत रहने और कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की, लेकिन विपक्ष अपने रुख पर अड़ा रहा।

विधानसभा परिसर में भी प्रदर्शन
हंगामा केवल सदन तक सीमित नहीं रहा। विधानसभा परिसर में भी विपक्षी विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लेकर विपक्षी सदस्य “सूर्या हांसदा मामले की सीबीआई जांच करो” और “रिम्स-2 की लूट बंद करो” जैसे नारे लगा रहे थे। विपक्ष का कहना है कि रिम्स-2 प्रोजेक्ट से जुड़ा विवाद भी गंभीर है और सरकार इसमें पारदर्शिता नहीं दिखा रही।

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अनुपूरक बजट और सरकार के लिए चुनौती
सदन की कार्यवाही से पहले ही विपक्ष का रुख आक्रामक था। 22 अगस्त को वित्तीय मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने 4,296 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया था। विपक्ष ने बजट पर भी सवाल उठाया और कहा कि सरकार आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर योजनाएं धराशायी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि विपक्ष मानसून सत्र को सरकार के खिलाफ रणनीतिक तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है। विधानसभा का यह सत्र वैसे भी छोटा है, जिसमें कुल चार कार्य दिवस ही हैं। 28 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में विपक्ष हर मुद्दे को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की योजना बना रहा है।

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रिम्स-2 विवाद पर तीखी बहस
सदन में विपक्ष ने रिम्स-2 प्रोजेक्ट को लेकर भी सरकार पर सवालों की बौछार की। विपक्ष का आरोप है कि जमीन अधिग्रहण में गड़बड़ियां हुई हैं और स्थानीय लोगों की आवाज को दबाया जा रहा है। विपक्षी विधायकों ने चेतावनी दी कि अगर इस प्रोजेक्ट में पारदर्शिता नहीं हुई तो वे सड़क से सदन तक आंदोलन करेंगे।

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इस मामले पर सरकार की ओर से अभी स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार जल्द ही इस पर स्थिति स्पष्ट कर सकती है।

सत्र का महत्व और आने वाले दिन
मानसून सत्र का यह चरण काफी अहम माना जा रहा है। चूंकि सत्र छोटा है, ऐसे में विपक्ष हर दिन का इस्तेमाल सरकार पर दबाव बनाने के लिए करेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सूर्या हांसदा मामले और रिम्स-2 विवाद पर सदन में और तीखी बहस देखने को मिल सकती है। सदन के भीतर का हंगामा और बाहर का प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि मानसून सत्र सरकार के लिए आसान नहीं रहने वाला। विपक्ष हर मोर्चे पर सरकार को घेरने के लिए तैयार है, वहीं सरकार के लिए चुनौती होगी कि वह अपने एजेंडे को आगे बढ़ा पाए।

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होते ही पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। विपक्ष सरकार को सूर्या हांसदा मामले और रिम्स-2 विवाद पर घेरने की पूरी कोशिश कर रहा है। वहीं, सरकार बजट और अपने एजेंडे पर चर्चा कराना चाहती है। आने वाले दिनों में सदन का माहौल कितना गरम होगा, यह देखने वाली बात होगी।

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