JTET भाषा विवाद पर सरकार का बड़ा दांव!
भोजपुरी-मगही-अंगिका पर फैसला करेगी 5 मंत्रियों की कमेटी
रांची: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में भाषा विवाद लगातार गहराने के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर उठ रहे विरोध और मांगों के बीच सरकार ने पांच मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी जेटेट नियमावली में शामिल क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं की समीक्षा करेगी और अपनी अनुशंसा सरकार को सौंपेगी। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र भी जारी कर दिया गया है।
वित्त मंत्री होंगे कमेटी के समन्वयक
सरकार की ओर से गठित इस कमेटी का समन्वयक वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को बनाया गया है। कमेटी में सरकार के सहयोगी दलों के मंत्रियों को भी शामिल किया गया है। इसमें झामुमो और कांग्रेस के दो-दो मंत्री जबकि राजद के एक मंत्री को जगह मिली है। समिति में उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार शामिल हैं। सरकार ने कमेटी को जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है ताकि विवादित मुद्दे पर अंतिम निर्णय लिया जा सके।
क्या है पूरा भाषा विवाद?
दरअसल, JTET परीक्षा में जिलावार क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं का निर्धारण किया गया है। अभ्यर्थियों को अपने जिले के अनुसार निर्धारित भाषाओं में से किसी एक भाषा का चयन करना होता है। लेकिन मौजूदा नियमावली में भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी भाषाओं को कई जिलों में शामिल नहीं किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया।पलामू क्षेत्र के अभ्यर्थी मगही और भोजपुरी को शामिल करने की मांग कर रहे हैं। वहीं संताल परगना के कई जिलों में अंगिका को क्षेत्रीय भाषा का दर्जा देने की मांग उठ रही है।
सरकार पर बढ़ा था दबाव
इस मुद्दे को लेकर कई छात्र संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों ने सरकार पर दबाव बनाया था। बताया जा रहा है कि कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्री राधाकृष्ण किशोर और दीपिका पांडेय सिंह ने भी इस विषय पर आपत्ति दर्ज कराई थी।इसी वजह से पहली बैठक में नियमावली पर फैसला टाल दिया गया था। बाद में सरकार ने नियमावली को मंजूरी तो दे दी, लेकिन भाषा विवाद के समाधान के लिए अलग कमेटी बनाने का निर्णय लिया।
JTET आवेदन प्रक्रिया जारी
इधर, JTET परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की ओर से आवेदन प्रक्रिया जारी है और 21 मई तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। करीब 10 वर्षों बाद राज्य में JTET परीक्षा आयोजित होने जा रही है। ऐसे में हजारों अभ्यर्थी इस परीक्षा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजर पांच मंत्रियों की इस कमेटी पर टिकी हुई है। यदि सरकार भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी भाषाओं को नियमावली में शामिल करती है तो इसका सीधा असर हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति और क्षेत्रीय पहचान की बहस को और तेज कर सकता है।






