बंगाल में भगवा राज का सूर्योदय
सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की ली शपथ, दिलीप घोष समेत 5 मंत्री भी बने कैबिनेट का हिस्सा
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शुक्रवार को ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला। पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की सत्ता संभाली और शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नए राजनीतिक युग की शुरुआत कर दी। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आरएन रवि ने सुवेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत एनडीए के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
इन नेताओं ने भी ली पद और गोपनीयता की शपथ
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अलावा बंगाल कैबिनेट में पांच और नेताओं को शामिल किया गया। इनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, निशीथ प्रमाणिक और क्षुदीराम टुडू शामिल हैं। सभी नेताओं ने एक-एक कर पद और गोपनीयता की शपथ ली। समारोह के दौरान भाजपा समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और पूरे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारे गूंजते रहे।
बंगाल में पहली बार BJP सरकार
2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई। करीब 15 वर्षों तक बंगाल की सत्ता पर काबिज रही टीएमसी सरकार का अंत हो गया और भाजपा ने पहली बार राज्य की सत्ता संभाल ली। भाजपा इस जीत को “परिवर्तन की सरकार” बता रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अब बंगाल में विकास, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार मुक्त शासन पर फोकस किया जाएगा।
अमित शाह ने किया था नाम का ऐलान
मुख्यमंत्री पद को लेकर कई दिनों तक सस्पेंस बना हुआ था। हालांकि 8 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता पहुंचे और भाजपा विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी के नाम पर मुहर लग गई। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अमित शाह ने खुद उनके नाम का ऐलान किया। इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया और विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा।
समारोह में दिखी बंगाल की संस्कृति
शपथ ग्रहण समारोह में बंगाल की संस्कृति की खास झलक भी देखने को मिली। कार्यक्रम स्थल पर पारंपरिक बंगाली मिठाइयों और मशहूर झालमुड़ी के कई स्टॉल लगाए गए थे। झालमुड़ी को लेकर लोगों में खास उत्साह देखा गया। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा झाड़ग्राम की रैली में झालमुड़ी खाने के बाद यह बंगाली स्नैक काफी चर्चा में आ गया था।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
ब्रिगेड परेड ग्राउंड और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरे इलाके को पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने अपने घेरे में रखा था। राजनीतिक प्रोटोकॉल के तहत पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण भेजा गया था। हालांकि समारोह में उनकी मौजूदगी को लेकर दिनभर चर्चाएं होती रहीं।
शुभेंदु के सामने बड़ी चुनौती
सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद अब उनकी सबसे बड़ी चुनौती राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करना और चुनाव बाद हिंसा के आरोपों पर नियंत्रण पाना होगा। इसके अलावा भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान भ्रष्टाचार, उद्योग, रोजगार और राजनीतिक हिंसा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। अब जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि नई सरकार इन मुद्दों पर कितना असरदार काम करती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल की राजनीति अब पूरी तरह नए दौर में प्रवेश कर चुकी है और आने वाले समय में राज्य की राजनीति की दिशा बदल सकती है।






