पाकुड़ में 1500 परिवारों को अबुआ आवास योजना का लाभ

अबुआ आवास योजना पाकुड़ अबुआ आवास योजना पाकुड़

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वाकांक्षी योजना से बेघर परिवारों को मिली पक्की छत

पाकुड़: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना का बड़ा परिणाम अब जमीन पर दिखने लगा है। पाकुड़ जिले में एक साथ 1500 लाभुकों को उनके नए पक्के घरों में गृह प्रवेश कराया गया। इस अवसर पर जिले भर के सभी प्रखंडों में कार्यक्रम आयोजित हुए, जहां अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर लाभुकों के सपनों को साकार होते देखा।

मुख्य जिला स्तरीय कार्यक्रम पाकुड़ प्रखंड के विक्रमपुर ग्राम में हुआ। यहां अध्यक्ष, पंचम राज्य वित्त आयोग झारखंड अमरेन्द्र प्रताप सिंह, उपायुक्त मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि और मुखिया मौजूद रहे। सभी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और नारियल फोड़कर नए बने घरों का गृह प्रवेश करवाया।

WhatsApp Image 2025 08 29 at 12.26.34 1

लाभुकों की खुशी, सरकार के प्रति आभार
नव-निर्मित पक्के घर पाकर लाभुकों के चेहरे पर गजब की खुशी देखने को मिली। लाभुक परिवारों ने कहा कि अब तक वे कच्चे घरों में जैसे-तैसे जिंदगी गुजार रहे थे, लेकिन सरकार की मदद से आज उन्हें सम्मानजनक जीवन के लिए पक्की छत मिल पाई है। कई परिवारों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया योजना का महत्व
कार्यक्रम में मौजूद अध्यक्ष अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि झारखंड सरकार की इस योजना का उद्देश्य राज्य के गरीब और बेघर लोगों को स्थायी आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा—
“अबुआ आवास योजना केवल एक घर देने की योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब और वंचित वर्ग के लिए आत्मसम्मान और सुरक्षा की गारंटी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सपना है कि झारखंड का कोई भी परिवार बेघर न रहे।”

munadi live whattsapp banne.jpg

उपायुक्त मनीष कुमार का संबोधन
जिला उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि अबुआ आवास योजना झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। उन्होंने कहा—
“आज पूरे पाकुड़ जिले में 1500 लाभुकों को एक साथ गृह प्रवेश कराया जा रहा है। यह सरकार की जनकल्याणकारी सोच का परिणाम है। मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि हर नागरिक का अपना घर हो, और इस दिशा में प्रशासन पूरी तत्परता से काम कर रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि जिन लाभुकों के घर निर्माण अभी लंबित हैं, उन्हें जल्द ही पूरा किया जाएगा।

WhatsApp Image 2025 08 29 at 12.26.35 1
resizone elanza

Telegram channel

जिलेभर में 1500 परिवारों को मिला लाभ
जिला प्रशासन के अनुसार, पाकुड़ प्रखंड में 700, हिरणपुर में 200, लिट्टीपाड़ा में 150, अमड़ापाड़ा में 50, महेशपुर में 200 और पाकुड़िया प्रखंड में 200 परिवारों को अबुआ आवास योजना का लाभ मिला। सभी प्रखंडों में स्थानीय जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने गृह प्रवेश की रस्म पूरी कराई।

गरीबों के लिए उम्मीद की नई किरण
इस मौके पर कई लाभुक परिवार भावुक भी हुए। एक बुजुर्ग लाभुक ने कहा—
“हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हमारे पास पक्का मकान होगा। आज यह संभव हुआ तो केवल मुख्यमंत्री और सरकार की वजह से। अब हमारे बच्चों को सुरक्षित माहौल मिलेगा और बरसात में पानी टपकने की समस्या नहीं रहेगी।”

WhatsApp Image 2025 08 29 at 12.26.35 2

योजना से जुड़ी अहम बातें

  • योजना की शुरुआत: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गरीबों और बेघर लोगों के लिए इस योजना की शुरुआत की थी।
  • उद्देश्य: हर परिवार को सुरक्षित और पक्का आवास उपलब्ध कराना।
  • लाभार्थी वर्ग: गरीब, भूमिहीन और झोपड़ी या कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार।
  • पाकुड़ जिले में अब तक: हजारों परिवार इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।

सरकार का संदेश
कार्यक्रम में यह भी संदेश दिया गया कि सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचना चाहिए। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे योजनाओं की जानकारी लें और उसका लाभ उठाएं।

नतीजा
पाकुड़ में 1500 लाभुकों का एक साथ गृह प्रवेश यह दिखाता है कि अबुआ आवास योजना राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा की किरण बन चुकी है। झारखंड सरकार का यह प्रयास ग्रामीण इलाकों के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को मजबूती देगा। आने वाले दिनों में और अधिक परिवार इस योजना से लाभान्वित होंगे और मुख्यमंत्री का “सभी का अपना घर” का सपना साकार होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *