खूंटी में क्रशर ऑफिस फायरिंग की जिम्मेदारी राहुल सिंह गिरोह ने ली

Crusher Office Attack

खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले में आपराधिक गिरोहों का दुस्साहस अब खुलेआम सामने आने लगा है। रनिया थाना क्षेत्र के डोडमा स्थित एक क्रशर ऑफिस में हुई गोलीबारी की घटना की जिम्मेदारी कुख्यात राहुल सिंह गिरोह ने सोशल मीडिया के जरिए ले ली है। गिरोह की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

गिरोह द्वारा सोशल मीडिया पर जारी लिखित बयान में कहा गया है कि 9 दिसंबर की रात डोडमा स्थित क्रशर ऑफिस में हुई फायरिंग की पूरी जिम्मेदारी राहुल सिंह लेता है। इस स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि यह मामला अब सिर्फ फायरिंग तक सीमित नहीं बल्कि खुली धमकी में तब्दील हो चुका है।

सोशल मीडिया पर खुलेआम धमकी
प्रेस विज्ञप्ति में गिरोह ने न सिर्फ गोलीबारी की जिम्मेदारी ली, बल्कि व्यापारियों को खुलेआम चेतावनी भी दी है। बयान में कहा गया है—

“आज के बाद जो कोई व्यापारी हमें इग्नोर करने की सोच रखेगा, उसे हम सोचने लायक भी नहीं छोड़ेंगे। जितना जल्दी हो सके मैनेज कर लो, यही तेरे, तेरे परिवार और कर्मचारियों के लिए बेहतर रहेगा।”

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इस भाषा से साफ संकेत मिलता है कि गिरोह रंगदारी और दबाव की रणनीति के तहत व्यापारियों को डराने का प्रयास कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इसे संगठित अपराध की खुली चेतावनी मान रही हैं।

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पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
क्रशर ऑफिस पर हुई इस फायरिंग की घटना पहले ही गंभीर मानी जा रही थी, लेकिन अब जब जिम्मेदारी खुलेआम स्वीकार ली गई है, तो पुलिस की चुनौती और बढ़ गई है। रनिया थाना पुलिस और खूंटी जिला पुलिस अब इस सोशल मीडिया अकाउंट, नेटवर्क और गिरोह के मूवमेंट को खंगालने में जुट गई है।

सूत्रों के मुताबिक, गिरोह द्वारा जारी धमकी को आईपीसी की संगीन धाराओं और यूएपीए/क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी एंगल से भी जांचा जा सकता है, क्योंकि यह सार्वजनिक भय फैलाने और संगठित अपराध की श्रेणी में आता है।

व्यापारियों में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद डोडमा समेत आसपास के इलाकों में क्रशर, बालू, पत्थर और निर्माण से जुड़े कारोबारियों के बीच भय का माहौल है। कई व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले भी गिरोह की ओर से अप्रत्यक्ष दबाव बनाया जाता रहा है, लेकिन अब जिस तरह खुलेआम धमकी दी गई है, उसने चिंता बढ़ा दी है।

सोशल मीडिया बना अपराध का हथियार
यह पहला मामला नहीं है जब किसी आपराधिक गिरोह ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर अपराध की जिम्मेदारी ली हो। पुलिस मानती है कि ऐसे बयान डिजिटल एविडेंस जरूर होते हैं, लेकिन साथ ही अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को भी दर्शाते हैं।

जल्द बड़े खुलासे की संभावना
पुलिस सूत्रों का कहना है कि राहुल सिंह गिरोह से जुड़े कई पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोली जा रही हैं। तकनीकी सर्विलांस, साइबर सेल और लोकल इंटेलिजेंस के सहारे गिरोह के मूवमेंट और नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। खूंटी पुलिस का दावा है कि इस मामले में जल्द ही गिरफ्तारी या बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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