शराब घोटाले में ACB का बड़ा एक्शन, दुमका में जालान कनेक्शन पर छापा

Dumka Raid

दुमका : झारखंड शराब घोटाले की परतें अब राज्य की सीमाओं से निकलकर कारोबारी नेटव रिश्तों तक पहुंचने लगी हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार सुबह दुमका में जिस तरह से दबिश दी, उससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि जांच अब केवल अफसरों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अवैध कमाई के निवेश, जमीन सौदों और डिजिटल लेन-देन के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।

मंगलवार की सुबह एसीबी की एक विशेष टीम दुमका पहुंची और वहां विनय चौबे के करीबी माने जाने वाले चर्चित व्यवसायी श्रवण जालान से जुड़े रिश्तेदार नवीन पटवारी के आवास पर छापेमारी शुरू की। जानकारी के अनुसार, नवीन पटवारी अपने तीन भाइयों के साथ इसी मकान में रहते हैं। छापेमारी के दौरान इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया। आवास के चारों ओर बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई चलती रही। स्थिति इतनी संवेदनशील रखी गई कि मीडिया को मौके के आसपास तक जाने की अनुमति नहीं दी गई और मौके पर मौजूद अधिकारी भी किसी तरह की जानकारी साझा करने से बचते नजर आए।

सूत्रों के अनुसार, एसीबी को शक है कि शराब घोटाले से जुड़े अवैध पैसों का एक हिस्सा दुमका और उसके आसपास जमीन, संपत्ति और अन्य निवेशों के रूप में खपाया गया है। इसी संदेह के आधार पर नवीन पटवारी के आवास को जांच के दायरे में लाया गया है। बताया जा रहा है कि पटवारी परिवार के संपत्ति दस्तावेज, बैंक लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड्स को लेकर एजेंसी की विशेष रुचि है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

Adiwasi Mahotsav

दरअसल, यह कार्रवाई सोमवार को रांची में हुई बड़ी रेड की कड़ी मानी जा रही है, जब एसीबी ने रांची के चर्चित व्यवसायी श्रवण जालान के घर और कार्यालय पर एक साथ छापेमारी की थी। उस दौरान एजेंसी को अलग-अलग कंपनियों से जुड़े दो से तीन मोबाइल फोन, जमीन और निवेश से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और कुछ अहम डिजिटल सबूत हाथ लगे थे। सूत्रों का कहना है कि इन्हीं मोबाइल और डिजिटल डेटा की शुरुआती जांच में ऐसे लिंक सामने आए, जो अब दुमका तक एजेंसी को ले आए हैं।

happy Teacher Day

छापेमारी के वक्त श्रवण जालान अपने आवास या कार्यालय में मौजूद नहीं थे। जानकारी के मुताबिक, रेड के दौरान वे जानबूझकर सामने नहीं आए। ऐसे में अब एसीबी की ओर से उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस या समन जारी किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि श्रवण जालान के माध्यम से किन-किन जगहों पर विनय चौबे की कथित अवैध कमाई को निवेश किया गया।

resizone elanza

Telegram channel

पूरे मामले की जड़ निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे से जुड़ी मानी जा रही है, जिन पर झारखंड शराब नीति में बड़े स्तर पर अनियमितताओं के आरोप हैं। एसीबी को मिली जानकारी के अनुसार, शराब घोटाले से अर्जित धन को सीधे अपने नाम पर रखने के बजाय कई व्यवसायियों और रिश्तेदारों के नाम पर निवेश किया गया, ताकि पैसों का स्रोत छुपाया जा सके। श्रवण जालान को इस नेटवर्क का एक अहम कड़ी माना जा रहा है।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है, जब एसीबी पहले ही विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता से करीब 10 घंटे तक लंबी पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा, चौबे के करीबी और पहले से जेल में बंद व्यवसायी विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह की तलाश में एजेंसी ने बिहार के लखीसराय में भी छापेमारी की थी। इससे साफ है कि जांच एजेंसी अब परिवार, मित्रों और कारोबारी सहयोगियों के पूरे घेरे को खंगाल रही है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि दुमका में हुई ताजा रेड, झारखंड शराब घोटाले की जांच को एक निर्णायक मोड़ पर ले जा सकती है। अगर जमीन, निवेश और डिजिटल लेन-देन से जुड़े ठोस सबूत सामने आते हैं, तो आने वाले दिनों में कई और नाम जांच के रडार पर आ सकते हैं। फिलहाल एसीबी की सख्त गोपनीयता यह संकेत दे रही है कि एजेंसी किसी बड़े खुलासे से पहले सबूतों को पुख्ता करना चाहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *