पीएम मोदी ने एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील क्यों की?
रुपये की गिरावट, महंगे गोल्ड और बढ़ते इम्पोर्ट बिल के बीच बड़ा आर्थिक संदेश
नई दिल्लीः प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से अपील की है कि अगर बहुत जरूरी न हो तो अगले एक साल तक सोना न खरीदें। हैदराबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देशभक्ति सिर्फ सीमा पर लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक मजबूती में योगदान देना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री की यह अपील ऐसे समय में आई है जब मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में भारी अस्थिरता बनी हुई है और सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच चुके हैं।
सोने की कीमतें और डॉलर दोनों बढ़े
इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें डेढ़ लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रही हैं। दूसरी ओर डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी की अपील देश की अर्थव्यवस्था को दबाव से बचाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
पहला कारण: बढ़ते इम्पोर्ट बिल पर लगाम
मनोज कुमार जैन के मुताबिक भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड इम्पोर्टर है। देश अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत सोना विदेशों से आयात करता है और इसका भुगतान डॉलर में किया जाता है। जब सोने की मांग बढ़ती है तो भारत का इम्पोर्ट बिल भी तेजी से बढ़ जाता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लोग कुछ समय तक सोने की खरीद कम करें तो सरकार अरबों डॉलर बचा सकती है।
दूसरा कारण: रुपये को कमजोर होने से बचाना
सोने के भारी आयात से डॉलर की मांग बढ़ती है, जिससे भारतीय रुपया कमजोर होता है। रुपये की गिरावट का असर महंगाई पर भी पड़ता है क्योंकि पेट्रोल, डीजल और अन्य आयातित सामान महंगे हो जाते हैं। पीएम मोदी का मानना है कि अगर सोने की मांग कम होगी तो व्यापार घाटा भी घटेगा और रुपये को मजबूती मिलेगी।
तीसरा कारण: “डेड इन्वेस्टमेंट” रोकना
भारत में सोने को पारंपरिक रूप से सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि तिजोरी में रखा सोना अर्थव्यवस्था में सक्रिय भूमिका नहीं निभाता। पीएम मोदी चाहते हैं कि लोग बैंक FD, म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार जैसे उत्पादक निवेश विकल्पों की ओर बढ़ें। इससे उद्योगों को पूंजी मिलेगी, रोजगार बढ़ेंगे और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति मिलेगी।
WFH और कार पूलिंग की भी सलाह
प्रधानमंत्री ने लोगों और कंपनियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने की भी अपील की। उन्होंने कंपनियों को “वर्क फ्रॉम होम” और आम लोगों को “कार पूलिंग” अपनाने की सलाह दी ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी की यह अपील सिर्फ सोना खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। यदि लोग उपभोग और निवेश के तरीके में बदलाव लाते हैं तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक संकट के दौर में स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।






