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CGL पेपर गड़बड़ी जांच में रांची नगर निगम का फूड इंस्पेक्टर पकड़ा गया

JSSC CGL paper irregularity

गिरिडीह के पिहरा स्थित घर पर देर रात छापेमारी

CID संजय कुमार से पूछताछ कर उसकी कथित भूमिका और संपर्कों की जांच में जुटी

Ranchi : झारखंड JSSC CGL परीक्षा में कथित पेपर गड़बड़ी की जांच कर रही CID ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने रांची नगर निगम में पदस्थापित फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार को गिरिडीह जिले के गांवा थाना क्षेत्र के पिहरा स्थित उनके आवास से पकड़ा। कार्रवाई के बाद उन्हें रांची लाया गया, जहां CID की टीम उनसे पूछताछ कर रही है।

देर रात पिहरा स्थित घर पर पहुंची CID की टीम
JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, CID की कार्रवाई भी तेज होती दिख रही है। बुधवार को जांच एजेंसी की टीम गिरिडीह जिले के गांवा थाना क्षेत्र के पिहरा पहुंची। रिपोर्टों के मुताबिक, CID रांची के DSP अरविंद सिंह के नेतृत्व में टीम ने संजय कुमार के घर पर कार्रवाई की। स्थानीय पुलिस की मदद से हुई इस कार्रवाई में खोरीमहुआ SDPO अमरेंद्र कुमार और गांवा थाना पुलिस भी शामिल रही। कार्रवाई के बाद संजय कुमार को रांची लाया गया। यहां CID की टीम उनसे CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े सवालों पर पूछताछ कर रही है।

संजय कुमार की क्या है भूमिका?
जांच एजेंसी को संजय कुमार से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उनकी कथित भूमिका को लेकर CID की ओर से अंतिम निष्कर्ष अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। CID अब यह पता लगाने में जुटी है कि CGL परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी से संजय कुमार का किस तरह का संबंध था और क्या उनका किसी अन्य संदिग्ध या आरोपी से संपर्क रहा है। पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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2025 बैच के फूड इंस्पेक्टर बताए जा रहे संजय कुमार
संजय कुमार को 2025 बैच का फूड इंस्पेक्टर बताया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, वह रांची नगर निगम में पदस्थापित हैं। हालांकि, एक रिपोर्ट में उनकी तैनाती जमशेदपुर में होने की बात कही गई है, इसलिए उनकी वर्तमान पोस्टिंग को लेकर आधिकारिक विभागीय पुष्टि का इंतजार करना उचित होगा।

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CID की जांच में पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
JSSC CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच के दौरान CID पहले भी कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। सितंबर की शुरुआत में रिपोर्टों में CID की ओर से 26 आरोपियों की गिरफ्तारी और करीब 200 संदिग्धों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद भी जांच एजेंसी ने संदिग्धों और सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ का सिलसिला जारी रखा। CID की जांच में यह देखा जा रहा है कि परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और पेपर या अनुचित लाभ किस माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंचा। सितंबर के मध्य में CID ने एक कोचिंग संचालक समेत दो लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी दी थी। एजेंसी के आरोप के मुताबिक, एक आरोपी ने अभ्यर्थियों को अनुचित सहायता उपलब्ध कराने में भूमिका निभाई थी।

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जांच के केंद्र में नेटवर्क और संपर्क
संजय कुमार से पूछताछ का एक अहम पहलू उनके संपर्कों की जांच भी है। CID यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उनका CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े किसी व्यक्ति या नेटवर्क से संपर्क था। जांच एजेंसी के सामने अब कई सवाल हैं—संजय कुमार तक कथित तौर पर कौन-सी जानकारी पहुंची, उनका अन्य संदिग्धों से क्या संबंध था और क्या परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने में उनकी कोई भूमिका थी। इन सवालों के जवाब पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।

अभी जांच जारी, अंतिम भूमिका सामने आना बाकी
फिलहाल संजय कुमार से CID की पूछताछ जारी है। जांच एजेंसी उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों और CGL मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयानों का मिलान कर सकती है। महत्वपूर्ण यह है कि केवल गिरफ्तारी या हिरासत को किसी व्यक्ति के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। संजय कुमार की कथित भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी और आगे की कानूनी कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।JSSC CGL मामले में CID की लगातार कार्रवाई से संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच के आधार पर इस मामले में और तथ्य सामने आ सकते हैं।

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