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2.20 करोड़ के इनामी असीम मंडल की रिमांड की तैयारी, खुलेंगे पुराने नक्सली मामलों के राज

Asim Mandal Jharkhand Police

बंगाल STF की कस्टडी में है माओवादी नेता, झारखंड पुलिस नेटवर्क

हथियार और पुराने मामलों से जुड़े सुराग जुटाने की तैयारी में

Ranchi : सीपीआई (माओवादी) सेंट्रल कमेटी के सदस्य असीम मंडल उर्फ आकाश से अब झारखंड पुलिस भी पूछताछ की तैयारी में है। 2.20 करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता को पश्चिम बंगाल STF ने गिरफ्तार किया है और अदालत ने उसे 29 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा है। इसी बीच झारखंड पुलिस उसके खिलाफ दर्ज मामलों में पूछताछ के लिए रिमांड लेने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम में असीम मंडल के खिलाफ 55 मामलों की जानकारी सामने आई है।

बंगाल STF की कस्टडी में असीम मंडल
असीम मंडल उर्फ आकाश की गिरफ्तारी 17 सितंबर को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर इलाके से हुई। उसे कोलकाता पुलिस STF ने पकड़ा था। पुलिस रिकॉर्ड और रिपोर्टों के मुताबिक, उस पर झारखंड में 1 करोड़ और ओडिशा में 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इस तरह उसके ऊपर कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम था। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है और मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार पश्चिम बंगाल STF उससे पूछताछ कर रही है।

अब झारखंड पुलिस भी रिमांड लेने की तैयारी में
असीम मंडल के खिलाफ झारखंड में दर्ज मामलों को देखते हुए राज्य पुलिस भी उससे पूछताछ करना चाहती है। झारखंड पुलिस अधिकारियों ने पहले ही संकेत दिया था कि उसके खिलाफ दर्ज मामलों में रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी और संबंधित मामलों में साक्ष्य जुटाए जाएंगे। पूर्वी सिंहभूम पुलिस का फोकस पुराने नक्सली मामलों के अलावा संगठन के नेटवर्क, सहयोगियों, हथियारों और दूसरे संपर्कों से जुड़ी जानकारी हासिल करने पर रहेगा। रिपोर्टों के मुताबिक, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम के 16 थानों में असीम मंडल के खिलाफ कुल 55 मामले दर्ज हैं। इनमें सुरक्षा बलों पर हमले, माओवादी गतिविधियों और हथियार कानून से जुड़े मामले शामिल हैं।

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55 मामलों की जांच में मिल सकते हैं नए सुराग
झारखंड पुलिस के लिए असीम मंडल की पूछताछ पुराने मामलों की कड़ियां जोड़ने का अवसर हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अलग-अलग घटनाओं में संगठन का नेटवर्क किस तरह काम करता था और उन घटनाओं में कौन-कौन लोग उसके संपर्क में थे। जांच का एक हिस्सा हथियारों और विस्फोटक सामग्री से जुड़े संभावित ठिकानों की जानकारी हासिल करना भी हो सकता है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक असीम मंडल से पूछताछ के जरिए पुराने मामलों से संबंधित साक्ष्य जुटाने की कोशिश की जाएगी।

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लंबे समय से माओवादी गतिविधियों से जुड़ा रहा है असीम
असीम मंडल को CPI (Maoist) के वरिष्ठ नेताओं में शामिल बताया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक वह संगठन में केंद्रीय कमेटी स्तर की जिम्मेदारी संभाल चुका है और झारखंड, पश्चिम बंगाल तथा ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ सुरक्षा बलों पर हमले और IED विस्फोट समेत कई गंभीर मामलों में केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन मामलों में किसी व्यक्ति की अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी संबंधित न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी।

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AK-47 को लेकर भी जांच
असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद उसके कथित मुख्य हथियार AK-47 को लेकर भी पुलिस की तलाश की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया है कि पूछताछ के आधार पर झारखंड-बंगाल सीमा से लगे जंगलों में हथियारों की तलाश की जा रही है। हालांकि, असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद अब तक उसकी कथित AK-47 की बरामदगी को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इसे फिलहाल जांच का हिस्सा ही माना जाना चाहिए।

समीर महतो और मालती मुर्मू से जुड़े सुराग
असीम मंडल से पूछताछ के बाद पश्चिम बंगाल STF की कार्रवाई उसके कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंची है। रिपोर्टों के मुताबिक समीर महतो उर्फ मंगल और मालती मुर्मू को भी पश्चिम बंगाल में पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, एक रिपोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं होने की बात भी कही है। सीमा से लगे जंगलों में हथियारों और विस्फोटक सामग्री की तलाश को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता की खबर है।

झारखंड पुलिस की पूछताछ का इंतजार
फिलहाल असीम मंडल पश्चिम बंगाल STF की पुलिस कस्टडी में है। झारखंड पुलिस उसकी रिमांड लेने के लिए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि झारखंड पुलिस को पूछताछ के दौरान कौन-कौन से नए तथ्य मिलेंगे। लेकिन 55 मामलों और लंबे समय से चले आ रहे माओवादी नेटवर्क से जुड़े रिकॉर्ड को देखते हुए उसकी पूछताछ पुराने मामलों की जांच में नए सुराग जुटाने का एक अहम हिस्सा बन सकती है। अब नजर इस बात पर है कि पश्चिम बंगाल की कस्टडी खत्म होने के बाद झारखंड पुलिस को असीम मंडल की रिमांड कब मिलती है और पूछताछ में पुराने नक्सली मामलों से जुड़े कौन से तथ्य सामने आते हैं।

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