2.20 करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा समेत तीन हार्डकोर माओवादी 14 दिन की पुलिस रिमांड पर
NIA-IB सहित कई एजेंसियां करेंगी पूछताछ
धनबाद: भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेताओं में शामिल 2.20 करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुर्निमल, 15 लाख रुपये के इनामी मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण तथा गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ से अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) समेत कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय जांच एजेंसियां पूछताछ करेंगी। धनबाद की अदालत ने गुरुवार को तीनों आरोपियों को 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजने की अनुमति दे दी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई राज्यों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क, संगठन की गतिविधियों और लंबित मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
अदालत ने दी 14 दिन की पुलिस रिमांड
धनबाद की अदालत में पेशी के बाद तीनों माओवादियों को 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। अदालत की अनुमति मिलने के बाद देर शाम बरवाअड्डा थाना पुलिस तीनों को रिमांड पर लेकर अपने साथ ले गई। अब पुलिस और विभिन्न जांच एजेंसियां अलग-अलग मामलों में उनसे पूछताछ करेंगी। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन तीनों से पूछताछ के दौरान माओवादी संगठन के संचालन, आर्थिक संसाधनों, हथियारों की आपूर्ति, प्रशिक्षण केंद्रों और विभिन्न राज्यों में सक्रिय नेटवर्क से संबंधित अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
NIA, IB समेत कई एजेंसियां करेंगी पूछताछ
धनबाद पुलिस ने तीनों माओवादियों से पूछताछ के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), बिहार पुलिस, ओडिशा पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस को पत्र भेजा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संबंधित एजेंसियों और राज्यों की विशेष टीमें धनबाद पहुंचने के बाद अपने-अपने मामलों के अनुसार आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ करेंगी। कई राज्यों में दर्ज पुराने मामलों और माओवादी गतिविधियों के संबंध में भी उनसे जानकारी जुटाई जाएगी।
कई राज्यों में फैले नेटवर्क का खुल सकता है राज
जांच एजेंसियों का मानना है कि पुलिस रिमांड के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि माओवादी संगठन वर्तमान में किन इलाकों में सक्रिय है, संगठन के सक्रिय सदस्य कौन हैं और उनके बीच संपर्क किस प्रकार स्थापित किया जाता है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियां यह भी जानने का प्रयास करेंगी कि संगठन को आर्थिक मदद कहां से मिलती है, हथियारों की आपूर्ति कैसे होती है और नए सदस्यों की भर्ती का तरीका क्या है।
कई वारदातों से जुड़े सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे
जांच एजेंसियां तीनों आरोपियों से यह भी पूछताछ करेंगी कि वे आगे किसी बड़ी नक्सली वारदात की योजना बना रहे थे या नहीं। साथ ही विभिन्न राज्यों में हुई हिंसक घटनाओं, पुलिस और सुरक्षा बलों पर हुए हमलों तथा हत्या के मामलों में उनकी कथित भूमिका के संबंध में भी जानकारी जुटाई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में यह भी पता लगाने की कोशिश होगी कि संगठन के कौन-कौन से सदस्य अभी सक्रिय हैं, उनके ठिकाने कहां हैं और किस प्रकार वे अलग-अलग राज्यों में गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
ये तीन आरोपी पुलिस रिमांड पर
पुलिस रिमांड पर भेजे गए आरोपियों में शामिल हैं—
- मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुर्निमल — भाकपा (माओवादी) का पोलित ब्यूरो सदस्य, जिस पर 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित है।
- मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण — इस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित है।
- गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ — माओवादी संगठन का सक्रिय सदस्य बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, तीनों लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर थे और विभिन्न राज्यों में दर्ज कई मामलों में वांछित हैं। हालांकि, इन मामलों में उनकी भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
जांच से मिल सकते हैं कई अहम सुराग
सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि 14 दिनों की रिमांड के दौरान प्राप्त जानकारियों के आधार पर संगठन के अन्य सदस्यों, उनके सहयोगियों और संभावित ठिकानों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। साथ ही कई पुराने मामलों की जांच को भी नई दिशा मिल सकती है। धनबाद पुलिस का कहना है कि सभी एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर पूछताछ की जाएगी ताकि हर मामले में आवश्यक जानकारी जुटाई जा सके। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां पूरे माओवादी नेटवर्क की गतिविधियों को खंगालने में जुटी हैं।






