BRICS Summit: मोदी ने दिए 4 मंत्र, बोले- दुनिया अब वादे नहीं, ठोस नतीजे चाहती है; पुतिन-शी जिनपिंग दिल्ली से रवाना

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Resilience, Innovation, Cooperation और Sustainability को बताया आगे की राह

BRICS के तीसरे दशक में प्रवेश पर PM मोदी का संदेश

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित BRICS Summit के समापन के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत से रवाना हो गए। शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन समापन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि BRICS अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने जा रहा है और दुनिया की उम्मीदें भी इससे बढ़ गई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि अब दुनिया BRICS देशों से केवल घोषणाओं और वादों की उम्मीद नहीं करती, बल्कि ठोस और प्रभावी परिणाम चाहती है। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी सदस्य देश मिलकर इन अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे। समिट की अगली मेजबानी चीन को मिलने पर प्रधानमंत्री ने चीन को शुभकामनाएं भी दीं।

BRICS को PM मोदी ने दिए 4 मंत्र
समापन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS की आगे की दिशा के लिए चार प्रमुख मंत्र दिए। उन्होंने इन्हें अंग्रेजी के चार शब्दों के जरिए समझाया—

  • Resilience: मुश्किल परिस्थितियों से निपटने और मजबूती से आगे बढ़ने की क्षमता
  • Innovation: नई तकनीक और नए विचारों को बढ़ावा देना
  • Cooperation: सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग मजबूत करना
  • Sustainability: विकास के साथ पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन चार सिद्धांतों के आधार पर BRICS को आने वाले समय में वैश्विक चुनौतियों से निपटने में अपनी भूमिका और मजबूत करनी होगी।

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नई तकनीक का फायदा सिर्फ BRICS तक सीमित नहीं रहेगा
PM मोदी ने तकनीक और नवाचार को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि BRICS देशों में विकसित होने वाली नई तकनीकों का लाभ केवल सदस्य देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इन तकनीकी उपलब्धियों को दुनिया के गरीब और विकासशील देशों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए। इससे विकासशील देशों को आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधन और नई संभावनाओं का लाभ मिल सकेगा। प्रधानमंत्री के इस संदेश में BRICS को केवल आर्थिक और राजनीतिक मंच के रूप में नहीं, बल्कि विकासशील दुनिया के लिए तकनीकी सहयोग के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में आगे बढ़ाने की सोच दिखाई दी।

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विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के दुश्मन नहीं
समापन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रकृति को मां का दर्जा देते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के दुश्मन नहीं हैं, बल्कि दोनों एक-दूसरे के साथी हैं। उन्होंने टिकाऊ विकास की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होगी। पीएम मोदी ने बिजली व्यवस्था को मजबूत करने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए नए रिसर्च सेंटर स्थापित करने की बात भी कही। इन क्षेत्रों में तकनीक और अनुसंधान का इस्तेमाल कर विकास की गति बढ़ाने पर जोर दिया गया।

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तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा BRICS
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि BRICS अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है। ऐसे समय में संगठन के सामने अवसरों के साथ कई बड़ी जिम्मेदारियां भी हैं। दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक, पर्यावरणीय और तकनीकी चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में BRICS देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने और सामूहिक प्रयासों को जमीन पर उतारने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की अपेक्षाएं अब BRICS से केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं हैं। ठोस परिणाम और वास्तविक बदलाव ही संगठन की सफलता का पैमाना होंगे।

पुतिन और शी जिनपिंग दिल्ली से रवाना
BRICS Summit में हिस्सा लेने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नई दिल्ली से रूस के लिए रवाना हो गए। वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी समिट में भाग लेने के बाद दिल्ली से बीजिंग के लिए रवाना हो गए। समिट के दौरान BRICS देशों के नेताओं के बीच विभिन्न वैश्विक और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने अगले चरण में संगठन के भीतर सहयोग को और मजबूत करने तथा विकास, तकनीक और टिकाऊ विकास से जुड़े मुद्दों पर विशेष जोर दिया। अब BRICS की अगली मेजबानी चीन करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को अगले शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए शुभकामनाएं दीं।

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