पलामू: भारती पाण्डेय प्रकरण में DEO कार्यालय पर कार्रवाई, एक लिपिक निलंबित

Bharti Pandey Case Palamu

प्रशासन ने मेडिकल और अवकाश मामले पर दी सफाई

पलामू: श्रीमती भारती पाण्डेय से जुड़े चिकित्सीय और विभागीय प्रकरण में पलामू जिला प्रशासन ने अपनी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की है। प्रशासन के अनुसार, मामले की जांच के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय के लिपिक ईश्वरी दयाल राम को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक अन्य लिपिक अरुण कुमार गिरि का प्रतिनियोजन बदल दिया गया है। यह जानकारी जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक विवरण के आधार पर सामने आई है।

लिपिक ईश्वरी दयाल राम निलंबित
प्रशासन के अनुसार, क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक, पलामू प्रमंडल, मेदिनीनगर ने पत्रांक-193, दिनांक 26 जुलाई 2026 के माध्यम से लिपिक ईश्वरी दयाल राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा पत्रांक-194, दिनांक 26 जुलाई 2026 के तहत अरुण कुमार गिरि (लिपिक) का प्रतिनियोजन जिला शिक्षा पदाधिकारी, पलामू कार्यालय से हटाकर क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, रंका (गढ़वा) कार्यालय में कर दिया गया है।

प्रशासन ने मेडिकल मामले पर भी रखी अपनी बात
जिला प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को सोना नर्सिंग होम में डॉ. ऋषिता सिंह (एमएस, गायनेकोलॉजी) ने जांच के दौरान श्रीमती भारती पाण्डेय में Leaking P/V की शिकायत पाई थी। प्रशासन का कहना है कि चिकित्सक ने उसी दिन उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने भर्ती होने से इंकार कर दिया। इसके बाद 24 जुलाई को भी चिकित्सक ने पुनः भर्ती होने की सलाह दी, जिसे प्रशासन के अनुसार उन्होंने स्वीकार नहीं किया। आधिकारिक बयान के मुताबिक, 25 जुलाई 2026 को जब वे दोबारा अस्पताल पहुंचीं, तब अल्ट्रासाउंड जांच में गर्भस्थ शिशु मृत पाया गया। इसके बाद चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत मृत शिशु का प्रसव कराया गया।

अवकाश आवेदन को लेकर प्रशासन का दावा
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि श्रीमती भारती पाण्डेय ने मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) के लिए कोई आवेदन प्रस्तुत नहीं किया था।जारी विवरण के अनुसार, उन्होंने शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के लिए आवेदन दिया था। आवेदन में उन्होंने अपनी 7 वर्षीय पुत्री अदिति कुमारी की देखभाल के लिए अवकाश का अनुरोध किया था। प्रशासन का कहना है कि आवेदन और शपथ पत्र के आधार पर विभागीय नियमों के अनुसार जिला शिक्षा पदाधिकारी, पलामू ने पत्रांक-1069, दिनांक 25 जुलाई 2026 के माध्यम से 185 दिनों के शिशु देखभाल अवकाश को स्वीकृति प्रदान की।

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प्रशासन का पक्ष
पलामू जिला प्रशासन ने अपने बयान में कहा है कि पूरे मामले में उपलब्ध तथ्यों और विभागीय नियमों के आधार पर कार्रवाई की गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस मामले में यदि संबंधित पक्ष की ओर से कोई अलग दावा या प्रतिक्रिया सामने आती है, तो उसे भी कानूनी एवं पत्रकारिता के मानकों के अनुरूप शामिल किया जाना चाहिए।

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